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Amazing  & Useful : ऐसी खिड़की, जो आपको हवा ही नहीं, फ्री बिजली भी देगी, जानिए जरा इसके बारे में…

Amazing and Useful : यदि हम टेक्नोलोजी (Technology) के नजरिए से दुनिया को देखें तो रोज नयी-नयी उपलब्धियों की तस्वीर सामने आती है। आज जो नया है, कल वह पुराना हो जाएगा और कल फिर कुछ नया सामने आ जाएगा। इस बदलाव (Change) के साथ खुद को जोड़ना ही मानव जीवन का अनुकूलन (Adaptation) है। इससे कटिएगा तो दुनिया से दूर हो जाएगा। अब आते हैं असली मुद्दे पर। यदि हम आपसे कहें कि आप आपके घर की खिड़की से बिजली पैदा हो सकती है, तो शायद ही आपको यकीन होगा। मगर, आज के समय में टेक्नोलॉजी बहुत ही अधिक आगे बढ़ चुकी है। जिन टेक्नोलॉजी को समझ पाना बेहद कठिन हो गया है, वही बिजली का बिल हो या फिर पावर सप्लाई, एक बड़ी आबादी के लिए आज भी यह परेशानी है। बहुत सी जगह पावर की सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है तो कहीं लोगो को बिजली के बिल ने परेशान कर रखा है। इस समस्या का हल सोलर पावर कर सकता है। लगभग सभी के घरों में खिड़की होती है और उसमे कांच भी लगा ही होता है। यदि इस कांच के माध्यम से हम बिजली को पैदा कर सकते हैं और इसकी मदद से हम बिजली की बिल को कम कर सकते है।

क्या है यह टेक्नोलॉजी

खिड़की के कांच से बिजली की आपूर्ति से बात करें तो आपको ये बात काल्पनिक लगती होगी। मगर ये बात सच है। हम बात कर रहे है ट्रांसपैरेंट सोलर पैनल की, ये एक कटिंग-एज टेक्नोलॉजी की, सहायता से खिड़कियों में आने वाली धूप की मदद से बिजली को उत्पन्न किया जाता है। इस क्षेत्र में शोधकर्ताओं ने बहुत ज्यादा काम किया है। उनमें से अधिकतर ट्रांसपेरेंट सोलर कॉन्सेंट्रेटर की तरह काम करते है यानी ये पैनल्स स्पेसिफिक यूवी और इंफ्रारेड लाइट्स वेवलेंथ्स को सोख लेते है, हमे जो दिखाई नही देता है। इन वेवलेंथ्स को एनर्जी में बदलकर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस के लिए उपयोग किया जा सकता है।

वैज्ञानिकों ने बनाया ऐसा पारदर्शी ग्लास 

इस टेक्नोलॉजी को फोटोवोल्टिक ग्लास भी कहा जाता है। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने वर्ष 2014 में पहला पूर्ण पारदर्शी सौर सांद्रक विकसित किया। यह कांच की खिड़की को पूरी तरह से पीवी सेल से परिवर्तित कर सकता है। अमेरिका और यूरोप के वैज्ञानिकों ने वर्ष 2020 तक पूरी तरह से 100 प्रतिशत पारदर्शी सौर कांच का उत्पादन किया है। ग्लास का उपयोग लगभग सभी जगह पर किया जाता है। बहुत बड़ी बड़ी इमारतों में पूरी दीवार शीशे की बनी होती है, जिस पर बेहद ही आसानी से इस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा सकता है और इस तरह से बिजली से जुड़ी हुई एक बहुत बड़ी समस्या से राहत मिल सकती है।

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