सरफराज और तालिब के पैर में गोली मारी, फहीम, अब्दुल हमीद व अफजल भी गिरफ्तार, हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद, आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई : एसपी
Bahraich news : बहराइच हिंसा मामले में गुरुवार को एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी सरफराज और उसके बड़े भाई तालिब को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के पैर में गोली लगी है। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस हिंसा और हत्या मामले के आरोपियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई करेगी।
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।इनमें दो को मुठभेड़ में गोली लगी है। बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया है कि रामगोपाल की हत्या में जो नामजद आरोपी हैं उनमें मोहम्मद फहीम, मोहम्मद तालिब उर्फ सबलू , मोहम्मद सरफराज, अब्दुल हमीद और मोहम्मद अफजल की गिरफ्तारी की गई है। हत्या में जिन हथियारों का इस्तेमाल हुआ था उसे भी बरामद कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अभी और लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम दबिश दे रही है। इस मामले में और पूरी हिंसक घटना में जो लोग भी शामिल रहे हैं, सबके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अभी और गिरफ्तारियां करनी बाकी है। सभी के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने 11 एफआईआर दर्ज की है। राम गोपाल मिश्रा की हत्या में 6 नामजद और 4 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। हिंसा और आगजनी में 50 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ नानपारा कोतवाली क्षेत्र कुर्मीनपुरवा हांडा बसरी में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी नेपाल भागने की फिराक में है। सरफराज और तालिब को रामगोपाल की हत्या में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी के लिए ले गए तो दोनों ने उन लोडेड असलहों से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस और एसटीएफ ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सरफराज के बाएं और तालिब के दाहिने पैर में गोली लगी है।
सरफराज और तालिब का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल का परिसर छावनी में तब्दील कर दिया गया है। साथ ही हरदी थाना क्षेत्र के मृतक राम गोपाल मिश्रा के गांव में भर्ती बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। चारों तरफ बैरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है। जिला अस्पताल में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बुलाई गई। जांच के बाद डाक्टरों ने दोनों को खतरे से बाहर बताया।
बहराइच हिंसा
बहराइच से करीब 40 किमी दूर महराजगंज बाजार में रविवार, 13 अक्टूबर की शाम 6 बजे दुर्गा प्रतिमा का जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में शामिल लोग नाचते-गाते और जयकारा लगाते जा रहे थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने डीजे बंद करने को कहा तो विवाद हो गया। थोड़ी देर में हिंसा भड़क गई। पथराव, आगजनी के साथ 20 राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई। इसमें 22 साल के राम गोपाल मिश्रा की मौत हो गई। परिजन और ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया। अगले दिन 14 अक्टूबर को भी दोपहर तक हिंसा होती रही। 50 से ज्यादा घरों और अस्पताल, शोरुम में आग लगा दी। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ग्राउंड पर उतरे। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। तब हिंसा बंद हुई।