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🗓️ Fri, Apr 4, 2025 🕒 9:53 AM

अनशन कर रहे किसान नेता डल्लेवाल बेहोश

अनशन कर रहे किसान नेता डल्लेवाल बेहोश

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डल्लेवाल के टेस्ट पंजाब सरकार की जिम्मेदारी : सुप्रीम कोर्ट

Panjab news : किसानों को फसल पर एमएसपी के गारंटी कानून के लिए 24 दिन से अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत बिगड़ गई है। डल्लेवाल गुरुवार सुबह अचानक बेहोश होकर गिर गए। उन्हें उल्टियां भी हुईं। पुलिस के सीनियर अधिकारी खनौरी बॉर्डर पहुंच गए हैं। डल्लेवाल का ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया है। हालांकि, अब वह स्टेबल है।

उधर, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को किसान आंदोलन पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से सवाल किया कि 70 साल का आदमी 24 दिन से भूख हड़ताल पर है। कौन डॉक्टर है, जो बिना किसी टेस्ट के डल्लेवाल को सही बता रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आप कैसे कह सकते डल्लेवाल ठीक हैं। जब उनकी कोई जांच नहीं हुई, ब्लड टेस्ट नहीं हुआ, ईसीजी नहीं हुई, तो कैसे कह सकते हैं कि वह ठीक हैं।

13 फरवरी 2024 से चल रहा किसान आंदोलन

सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले 18 दिसंबर को भी इस मामले पर सुनवाई की थी। राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि डल्लेवाल पर ढिलाई न बरतें। वे जननेता हैं, उनसे किसानों की भावनाएं जुड़ी हैं। उनकी सेहत का ध्यान रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। 13 फरवरी 2024 से शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन चल रहा है। इसके अलावा खनौरी बॉर्डर पर भी किसान धरने पर बैठे हैं। यहां हरियाणा पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें दिल्ली जाने से रोका हुआ है। 10 जुलाई 2024 को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि एक हफ्ते में शंभू बॉर्डर को खोला जाए। इसके खिलाफ हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई।

12 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी

12 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने एंबुलेंस, सीनियर सिटिजन्स, महिलाओं, छात्रों के लिए शंभू बॉर्डर की एक लेन खोलने के लिए कहा। इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी बनाई, जिसे सरकार और किसानों के बीच मध्यस्थता करनी थी। कमेटी ने 10 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट सौंपी, जिसमें उन्होंने कहा कि आंदोलन करने वाले किसान बातचीत के लिए नहीं आ रहे। किसानों से उनकी सुविधा के अनुसार तारीख और समय भी मांगा गया था, लेकिन उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 35 स्थित किसान भवन में हरियाणा की खाप पंचायतों की मीटिंग हुई। जिसके बाद उन्होंने किसान आंदोलन को समर्थन दे दिया। इसको लेकर 29 दिसंबर को हिसार में खाप महापंचायत की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों से बातचीत करनी चाहिए।

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