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सेना के लिए अरुणाचल में बेली ब्रिज बनायेगा जीआरएसई, हुआ समझौता

सेना के लिए अरुणाचल में बेली ब्रिज बनायेगा जीआरएसई, हुआ समझौता

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Kolkata news : गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड ने भारतीय सेना के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत अरुणाचल प्रदेश में 130 फीट लम्बा सिंगल लेन मॉड्यूलर ब्रिज (70आर) बनाया जायेगा। यह पुल तक्षिंग में बनाया जायेगा, जो अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले में स्थित है और चीन सीमा के पास है। इस परियोजना की कुल लागत 3.13 करोड़ रुपये होगी।

जीआरएसई के बेली ब्रिज डिवीजन के महाप्रबंधक नटराजन पर्थीपन ने 27 फरवरी, 2025 को सेना की 237 इंजीनियर रेजिमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किये।

शुक्रवार को जारी बयान में बताया गया है कि जीआरएसई को 2022 में भारतीय सेना से पोर्टेबल स्टील ब्रिज (बेली टाइप) के लिए ग्रीन चैनल सर्टिफिकेशन प्राप्त करने वाली एकमात्र भारतीय कम्पनी होने का गौरव प्राप्त हुआ था। इसके तहत कम्पनी अब तक सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल), विभिन्न राज्य सरकारों और बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, म्यांमार तथा श्रीलंका जैसे मित्र देशों को कई मॉड्यूलर ब्रिज की आपूर्ति कर चुकी है।

जीआरएसई के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, कमोडोर (सेवानिवृत्त) पी.आर. हरि ने 2024 में वार्षिक आम बैठक के दौरान कहा था कि बेली ब्रिज डिवीजन ने भारत में इस क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। विशेषज्ञता का लाभ उठाने, नये उत्पादों की शुरुआत और प्रभावी विपणन रणनीति के कारण इस डिवीजन का राजस्व 2022-23 में 69 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 140 करोड़ रुपये हो गया है।

जीआरएसई ने 2024 में एनएचआईडीसीएल के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत अग्रिम मोर्चों तक सैनिकों और उपकरणों की त्वरित तैनाती के लिए क्लास 70आर डबल लेन ब्रिज की आपूर्ति की जा रही है। अब तक कम्पनी बीआरओ को 44 मॉड्यूलर ब्रिज दे चुकी है।

कम्पनी के एक अधिकारी ने बताया कि ‘जीआरएसई अब तक 5,800 से अधिक मॉड्यूलर ब्रिज की आपूर्ति कर चुका है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति के अनुरूप है।’ भारतीय सेना के लिए इस नये बेली ब्रिज का निर्माण न केवल रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ढांचागत विकास को भी मजबूती देगा।

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