Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
Error
Location unavailable
🗓️ Thu, Mar 27, 2025 🕒 6:44 AM

लक्ष्मी योग से दूर होती हैं बीमारियां, जातक को प्रसिद्धी भी दिलाता है, सरस्वती योग के बारे में भी जानें

लक्ष्मी योग से दूर होती हैं बीमारियां, जातक को प्रसिद्धी भी दिलाता है, सरस्वती योग के बारे में भी जानें

Share this:

Dharm adhyatm : लक्ष्मी योग तब बनता है जब नवम भाव का स्वामी बलवान अवस्था में त्रिक भाव में होता है और जब लग्न का स्वामी बलवान होता है।यह योग तब भी बनता है जब शुक्र और नवम भाव का स्वामी बलवान अवस्था में केंद्र या त्रिक भाव में मौजूद होता है। अत: लक्ष्मी योग दो तरह से बनता है। नवम भाव का स्वामी दोनों प्रकार की योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

लक्ष्मी योग व्यक्ति को साहसी और कुशल बनाता है

लक्ष्मी योग व्यक्ति को साहसी और कुशल बनाता है। ऐसे व्यक्ति के पास उच्च सिद्धांत होते हैं और एक अच्छे नेता होते हैं। इस योग के प्रभावों के कारण आप हमेशा दान और धार्मिक कार्यों में शामिल रहेंगे। आप अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के प्रति भी सुरक्षात्मक रहेंगे। लक्ष्मी योग की मौजूदगी आपको बीमारियों से दूर रखती है और आपको प्रसिद्ध भी बनाती है। आपको एक अच्छा जीवन साथी भी मिलेगा जो जिंदगीभर आपका साथ निभाएगा।

सरस्वती योग कैसे बनता है

सरस्वती योग का संबंध शिक्षा से रहा है। माता सरस्वती को शिक्षा की देवी माना जाता है। अत: इस योग वाले व्यक्ति को हमेशा माता सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जब बुध, शुक्र और बृहस्पति केंद्र (प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव) में या त्रिकोण भाव या द्वितीय भाव में बैठकर संबंध बना रहे हो तो कुंडली में सरस्वती योग बनता है। यह योग व्यक्ति की बुद्धिमत्ता को बढ़ाता है और व्यक्ति उच्च शिक्षित होता है। सरस्वती योग वाले जातक निश्चय ही धनवान और खुशहाल होते हैं और वैवाहिक सुख भी भोगते हैं। कुंडली में सरस्वती योग वाले व्यक्ति, नाम और प्रसिद्धि पाने के लिए किस्मत वाले होते हैं। अगर दिलचस्पी होती है, तो वे संगीतकार और रचनात्मक कलाकार हो सकते हैं। उन्हें निश्चित रूप से कविताएं, गद्य और नाटक की रचना करने का कौशल प्राप्त होता है। ऐसे जातकों की गणित अच्छी होती है। सरस्वती योग वाले जातक के पास एक सुंदर मधुर आवाज़ और लिखावट होती है।

Share this:

Latest Updates