New Delhi news : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी को पत्र लिख कर देश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं की तरफ ध्यान दिलाया है। उन्होंने अपने पत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रेच्युटी भुगतान किये जाने तथा कुछ अन्य समस्याओं की ओर मंत्री का ध्यान दिलाया है।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा है, ‘मैंने हाल ही में अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी समिति के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनके सामने आनेवालीं चुनौतियों पर चर्चा की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) कार्यक्रम की रीढ़ हैं, जो भूख और कुपोषण से लड़ने के साथ-साथ प्री-प्राइमरी शिक्षा प्रदान करके महिलाओं और बच्चों की अथक सेवा करती है। कोविड-19 संकट के दौरान उन्होंने अपने कर्तव्यों से परे जाकर, बहुत ज्यादा व्यक्तिगत जोखिम उठाते हुए फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में काम किया। राष्ट्र के विकास के लिए अपनी कड़ी मेहनत के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपर्याप्त वेतन, काम करने की स्थिति और सामाजिक सुरक्षा की कमी से जूझ रही हैं।’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है, ‘प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाये गये सबसे महत्त्वपूर्ण मुद्दों में से एक ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया जाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को औपचारिक कर्मचारी के रूप में मान्यता दिये हुए लगभग तीन साल बीत चुके हैं, जिसके तहत उन्हें ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के तहत ग्रेच्युटी का अधिकार दिया गया है। इसके बावजूद भारत सरकार ने इस फैसले को लागू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। मुझे यकीन है कि आप इस बात से सहमत होंगी कि दशकों तक प्रतिबद्धता के साथ काम करनेवाले कर्मचारियों को पर्याप्त सेवानिवृत्ति लाभ मिलना चाहिए।’