Dumka Kishori murder case :अदालत में सुनवाई के दौरान पिता ने कहा- बेटी ने ही बताया कि शाहरुख व नईम ने उसे जलाया

Dumka, Jharkhand news : झारखंड की उप राजधानी दुमका की किशोरी को पिछले दिनों पेट्रोल डालकर जलाने के मामले में बुधवार से प्रथम अपर एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्रा के कोर्ट में सुनवाई प्रारंभ हुई। पहले दिन पेट्रोल डालकर जलाई गई किशोरी के पिता की गवाही हुई। लगभग दो घंटे तक चली कार्रवाई में पिता ने बताया कि बेटी ने ही कहा था कि शाहरुख हुसैन और नईम खान ने पेट्रोल डालकर जलाया है। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता सिकंदर मंडल ने पिता से उम्र को लेकर कई सवाल पूछे। गुरुवार को मृतका के दादा की अदालत में गवाही होगी।

कोर्ट परिसर में थी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

कोर्ट के आदेश पर नगर थाना प्रभारी नीतीश कुमार मृतका के पिता को कड़ी सुरक्षा में लेकर कोर्ट पहुंचे थे। सुनवाई को लेकर कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लगभग साढ़े बारह बजे सुनवाई शुरू हुई। किशोरी के पिता ने बताया कि 23 अगस्त की सुबह बेटी के जोर – जोर से चिल्लाने की आवाज आई। जब वह कमरे से बाहर निकली तो उसके शरीर में आग लगी हुई थी। क्या दृश्य देख मैंने उस पर पहले पानी डाला और उसके बाद कंबल ओढ़ाकर आग को बुझाने की कोशिश की। इस दौरान बेटी ने इतना ही बताया कि शाहरुख और नईम ने उसे जला दिया है। इसके बाद दामाद को फोन कर घर बुलाया और उसे अस्पताल ले गये। आठ बजे पुलिस की मौजूदगी में दंडाधिकारी ने बयान लिया। रात को ही बेटी को इलाज के लिए रांची रिम्स में लेकर गए। वहां भी बेटी ने बताया कि शाहरुख ने 22 अगस्त की शाम आठ बजे फोन कर जलाकर मारने की धमकी थी। घटना के समय नईम भी उसके साथ था।

बचाव पक्ष के वकील ने पूछा – बेटी ने जो बताया वहीं सुना या फिर कुछ देखा भी

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील सिकंदर मंडल ने पिता से पूछा कि वह प्रतिदिन सुबह कब उठते हैं। इस पर किशोरी के पिता ने कहा कि चार से सवा चार बजे तक उठ जाते हैं। उस दिन कैसे पता चला कि घटना सुबह चार बजे की है, क्या घड़ी देखी थी। इस पर पिता ने कहा कि रोज करीब इतने बजे ही हमारी नींद टूट जाती है। घटना के बाद दामाद के आने का इंतजार कर रहे थे, इसलिए घड़ी पर नजर चली गई। वकील ने आगे पूछा कि उन्होंने क्या देखा। इस पर पिता ने बताया कि बेटी को जलते हुए देखा। इस दौरान बचाव पक्ष के वकील ने मृतका की उम्र को लेकर कई सवाल किए। पिता ने बताया कि बेटी ने कक्षा पांच तक की पढ़ाई पड़ोस के एक स्कूल में की और बाद में टीसी के आधार पर कन्या विद्यालय की छठी कक्षा में दाखिला लिया। अधिवक्ता ने पिता से घटना के समय बेटी क्या कपड़े पहने हुए थी। दामाद को किस नंबर से फोन किया था। बड़ी बेटी से संबंधित भी कुछ सवाल किए। 

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *