History of Shivaji :  दिल्ली का लाल किला एक बार फिर छत्रपति शिवाजी महानाट्य का साक्षी बनेगा, 2 से 6 नवंबर तक होगा ऐतिहासिक गौरव गाथा का मंचन

National news : दिल्ली का लालकिला ( Red fort of Delhi) एक बार फिर राजा शिवछत्रपति महानाट्य का साक्षी बनेगा। 2 से 6 नवंबर 2022 को लालकिला दिल्ली में शिवाजी की ऐतिहासिक गौरवगाथा का मंचन होगा। इसकी शुरुआत केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भूमि पूजन के साथ किया।

भारत का इतिहास देशभक्ति का इतिहास है : सिंधिया

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत का इतिहास देशभक्ति का इतिहास है, बलिदान का इतिहास है, समृद्धि का इतिहास है। युद्धनीति से लेकर राज्यव्यवस्था के लिए भी हमें शिवाजी से प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत सोने की चिडिया है। जिसे चुराने की साजिश होती रही है। लेकिन अब देश मजबूत हाथों में है। उन्होंने कहा कि शिवाजी के शासन-प्रशासन से हमें सीख लेने की जरूरत है। शिवाजी महाराज ने सेना के साथ ही नौ सेना को भी मजबूत बनाया। समुद्र तट को सुरक्षित किया। उनकी सेना में हर जाति-धर्म के लोग थे।

महानाट्य को प्रचारित प्रसारित करने की जरूरत

कार्यक्रम के संयोजक वैभव डांगे ने कहा कि शिवाजी के चरित को समझने के लिए राजा शिव छत्रपति महानाट्य को लोगों के बीच प्रचारित करने की जरूरत है। वेभव डांगे ने कहा कि भारतीयों के साथ ही विदेशी राजदूतों को भी नाटक देखने के लिए आमंत्रित किया गया है। लगभग पांच हजार विदेशी मेहमानों को नाटक दिखाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नाटक का अंग्रेजी में अनुवाद की भी व्यवस्था की गयी है। इसके साथ ही विभिन्न स्कूलों में शिवाजी के जीवन चरित्र पर प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। जिसमें दिल्ली के 20 हजार छात्रों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।

देश- विदेश में 1000 बार हो चुका है नाटक का मंचन

गौरतलब है कि इस महानाट्य का भारत, अमरीका और इंग्लैंड सहित दुनियाभर में 1000 बार से ज्यादा मंचन हो चुका है। इसके लिए चार मंजिला रंगमंच तैयार किया जा रहा है। इस नाटक में करीब 250 से ज्यादा कलाकार भा लेंगे। इसके साथ तोप, हाथी, घोड़े पर सवार सैनिक राजा शिव छत्रपति माहाट्य को सजीव बना देते हैं। भूमि पूजन कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, भाजपा नेता श्याम जाजू, पूर्व मेयर जेपी अग्रवाल, भाजपा नेता अशोक गोयल और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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