ज्ञानवापी मस्जिद एपिसोड : जिला कोर्ट में पहली बार उठा पूजा स्थल 1991 अधिनियम का मुद्दा, अब आगे देखिए…

Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद विवाद मामले में 26 मई को जिला जज डॉ. एके विश्वेश की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान मुस्लिम याचिकाकर्ताओं ने हिंदू पक्ष की याचिका पर सवाल खड़े किए। सुनवाई शुरू होते ही मुस्लिम वकीलों ने पूजा स्थल अधिनियम 1991 का हवाला दिया और दावा किया कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

भ्रम पैदा करने के लिए फैलाई अफवाह

मुस्लिम पक्ष के वकील अभय यादव ने कहा कि मस्जिद के अंदर एक ‘शिवलिंग’ पाए जाने की अफवाह भ्रम पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि ‘शिवलिंग’ को अभी तक अदालत द्वारा साबित नहीं किया गया है और अदालत को ऐसी अफवाहों पर विराम लगाना चाहिए। इस बीच, हिंदू याचिकाकर्ताओं के वकील विष्णु जैन ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि शिवलिंग को फव्वारे जैसा बनाने के लिए उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। मामले में सुनवाई 29 मई को भी जारी रहेगी और हिंदू याचिकाकर्ता अपनी दलीलें रखेंगे।

36 लोगों को अदालत में जाने की इजाजत

आज वकीलों सहित केवल 36 लोगों को अदालत के अंदर जाने की अनुमति दी गई, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच सुनवाई हुई। अदालत में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। आम दिन की अपेक्षा अदालत परिसर में आज काफी भीड़ थी। लोग मामले में जानाकारी लेने की उत्सुकता में अदालत परिसर के अंदर और बाहर एकट्ठा हुए थे।

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