आरा: भोजपुर जिले के गड़हनी थाना क्षेत्र के अगिआंव पीएचसी अस्पताल में गत सात दिसंबर को जन्म के तत्काल बाद नवजात को 50 हजार में बेचने वाली दादी समेत चार महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। पुलिस ने इस कांड में संलिप्त ग्रामीण चिकित्सक व उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, अबतक नवजात शिशु की बरामदगी नहीं हो सकी है। तीनों से पूछताछ में मानव तस्करी के बड़े संजाल का राजफाश हुआ है। नवजात कई बिचौलियों के हाथों से होते हुए अंतत: चार लाख में झारखंड में खरीदा गया। इसके बाद से उसका लोकेशन नहीं मिल पा रहा है। पुलिस सरगर्मी से तलाश रही है। रडार पर झारखंड के रामगढ़ की महिला है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही बच्चे की बरामदगी संभव हो सकेगी।
गिरफ्तार आरोपित रोहतास जिले के सूर्यपुरा थाना क्षेत्र के हुकाडीह गांव निवासी ग्रामीण चिकित्सक अरविंद उर्फ हरिशंकर पंडित, भोजपुर जिले के तियर थाना क्षेत्र के अंधारी बाग निवासी बंटी कुमार तथा औरंगाबाद जिले के कास्मा थाना क्षेत्र के विसंभरपुर निवासी संदीप कुमार हैं।
ग्रामीण चिकित्सक अरविंद का पीरो और दिनारा में निजी क्लीनिक है, जबकि संदीप गोह (औरंगाबाद) में नर्सिंग होम संचालक बताया जाता है। बंटी अरविंद के पीरो स्थित निजी क्लीनिक में कर्मचारी था। पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया है कि नवजात शिशु को चार लाख रुपये में झारखंड के रामगढ़ की एक महिला को बेचा गया है। गड़हनी थानाध्यक्ष कमलजीत ने बताया कि नवजात का सौदा रोहतास जिले के दिनारा में हुआ था। पहले ग्रामीण चिकित्सक को गिरफ्तार किया गया, इसके बाद उसके दोनों सहयोगियों को पीरो व औरंगाबाद दबोचा गया। शिशु की बरामदगी और झारखंड की संदिग्ध महिला की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
जानें क्या है मामला
सात दिसंबर को अगिआंव पीएचसी में नारायणपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी चितरंजन कुमार की पत्नी खुशबू कुमारी ने नवजात को जन्म दिया था। आरोप है कि अस्पताल के बाहर साजिश के तहत उसकी सास क्रिंता देवी ने नवजात को 50 हजार रुपये में बेच दिया। इस संबंध में 16 दिसंबर को पीड़िता के बयान पर गड़हनी थाने में प्राथमिकी कराई गई थी। इस मामले में पहले ही पीड़िता की सास नारायणपुर निवासी क्रिंता देवी, पति पंकज रवानी, पड़ोसी कविता देवी (पति महेंद्र शर्मा), कविता की रिश्तेदार व धनगाई थाना क्षेत्र के मिठहा गांव निवासी होमगार्ड जवान चांदनी शर्मा (पति संतोष शर्मा) तथा चिकित्सक की सहयोगी नर्स प्रीति कुमारी (पति पप्पू कुमार) को गिरफ्तार किया जा चुका है। सास के पास से बिक्री के 49 हजार रुपये भी बरामद किए गए थे।
ग्रामीण चिकित्सक व महिला सिपाही का गठजोड़ उजागर
गिरफ्तार ग्रामीण चिकित्सक अरविंद ने पूछताछ में बताया कि नवजात को खरीदने के एवज में उसने महिला होमगार्ड जवान चांदनी शर्मा को साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि उसने नवजात की दादी और पीड़ित महिला की सास क्रिंता देवी को मात्र 50 हजार रुपये ही दिए थे। गिरफ्तार महिला होमगार्ड जवान आरा समाहरणालय में आदेशपाल बताई जाती है और वर्तमान में आरा के गोढ़ना रोड में रहती थी।
झारखंड से ओडिशा तक तार जुड़ने की संभावना
नवजात की खरीद-बिक्री के मामले में अंतरराज्यीय संजाल के संकेत मिले हैं। गिरोह के तार



