Jharkhand : वित्त रहित शैक्षणिक संस्थान अब कहलाएंगे प्लस टू विद्यालय

Jharkhand latest education news : राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित प्रावधान के तहत राज्य में संचालित अनुदानित इंटर महाविद्यालय अब प्लस टू विद्यालय कहलाएंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने मान्यता  प्राप्त सभी वित्त रहित इंटर विद्यालयों के प्राचार्यों को पत्र भेजकर स्कूलों के नाम में संशोधन करने का निर्देश दिया है। बहरहाल, राज्य में ऐसे विद्यालयों की कुल संख्या 150 है, जिन्हें सरकार अनुदान देती है। 

नाम नहीं बदला तो नहीं मिलेगा अनुदान

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में हुई बैठक और शिक्षा नीति के अनुरूप स्कूलों का नाम नहीं बदला जाता है तो उन्हें अनुदान की राशि नहीं मिलेगी। यहां स्पष्ट कर दें कि राज्य में वित्त रहित संस्थानों के तौर पर इंटर महाविद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, संस्कृत विद्यालय तथा मदरसा संचालित है।

नवमी से 12वीं तक की हो सकेगी पढ़ाई

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की बात करें तो इसमें विभिन्न श्रेणी के विद्यालयों के लिए कक्षाओं की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। इसमें नवमी से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए कुछ इसी अनुरूप ढांचा तैयार किया गया है। बताया जा रहा है कि इंटर महाविद्यालयों को प्लस टू में बदले जाने से नवमी से 12वीं तक की पढाई हो सकेगी।

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