अब रघुवर के कार्यकाल में बने विधानसभा और हाईकोर्ट भवन में हुई अनियमितता की जांच करेगा न्यायिक कमीशन, CM हेमंत सोरेन ने…

Jharkhand (झारखंड) के पूर्ववर्ती रघुवर सरकार में धुर्वा इलाके में बने नए विधानसभा भवन एवं उच्च न्यायालय भवन के निर्माण में हुई अनियमितताएं की जांच न्यायिक कमीशन से कराया जाएगा। राज्य की हेमंत सरकार ने इस बाबत 17 जुलाई को फैसला लिया है। तीन मंजिला विधानसभा इमारत का उद्घाटन का उद्घाटन 12 सितंबर, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसकी नींव पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 2015 में रखी थी।

कई मामले रहे हैं चर्चा में

इससे पहले पिछले साल 2 जुलाई को सीएम सोरेन ने इन दोनों भवनों के निर्माण के दौरान बरती गई वित्तीय अनियमितता की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कराने का निर्देश दिया था। इन दोनों भवनों का निर्माण पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में किया गया था। अपने निर्माण के पहले टेंडर प्रक्रिया के दौरान से ये इमारतें काफी चर्चा में रही हैं। झारखंड विधानसभा के निर्माण के बाद आग लगने की घटना, सीलिंग गिरने का मामला या प्राक्कलन राशि में बढोतरी का मुद्दा भी चर्चा में रहा है।

निर्माण राशि में बढ़त-घटत

झारखंड विधानसभा के नए भवन के निर्माण की लागत शुरुआत में 465 करोड़ से घटाकर 323.03 करोड़ कर दी गयी थी। बाद में वास्तुदोष का हवाला देते हुए क्षेत्रफल बदलकर फिर से राम कृपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी को ही यह काम दिया गया। इस तरह कुल निर्माण राशि 136 करोड़ रुपये बढ़ गई।

झारखंड हाई कोर्ट के नए भवन निर्माण में भी शुरुआती प्राक्कलन राशि 265 करोड़ रुपये थी। जैसे- जैसे काम बढ़ता गया राशि भी बढ़ती चली गई। हाईकोर्ट के इस नए भवन निर्माण में 697 करोड़ रुपये खर्च हुए। झारखंड हाई कोर्ट का निर्माण भी रामकृपाल कंस्ट्रक्शन के द्वारा ही किया गया है।

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