पत्नी से प्रताड़ित पतियों का विवाह विच्छेद समारोह 18 को, कई संगठनों ने किया विरोध, बताया संस्कृति के विरुद्ध

BHOPAL MADHYA PRADESH NEWS :  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक विचित्र आयोजन होने जा रहा है। शायद भारत में ऐसा आयोजन पहली बार होने जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन 18 सितंबर को भाई वेलफेयर सोसाइटी भोपाल ने किया है। कार्यक्रम का नाम है ‘विवाह विच्छेद समारोह। इस कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र सोशल मीडिया में भी संस्था ने जारी किया है जो अब तेजी से वायरल हो चुका है। भोपाल के कई संगठनों में इस कार्यक्रम का विरोध करते हुए कहां है कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति और परंपरा के विरुद्ध है। 

विवाह टूटना दुखद, इसमें खुशी मनाना ठीक नहीं

लोगों का कहना है कि विवाह टूटना दुखद प्रक्रिया है। आपके संबंध जीवनसाथी से कितने ही खराब क्यों न हों, उसने आपको कितना ही प्रताड़ित क्यों न किया हो, पर इस पवित्र रिश्ते के टूटने पर इसका जश्न मनाना किसी भी तरह से उचित नहीं है, क्योंकि विवाह टूटने पर दोनों ही पक्षों को दुख होता ही है। ऐसे में किसी एक पक्ष का इस तरह खुशियां मनाना, समारोह करना, नाचना-गाना ठीक नहीं। यह हमारी संस्कृति इसकी इजाजत नहीं देती।

अहमद ने कहा- रिश्ता टूटने का दुख हम सभी को है

समारोह के आयोजन के बाबत भाई वेलफेयर सोसाइटी के जकी अहमद ने बताया कि हमारी संस्था पत्नियों से प्रताड़ित होने वाले पतियों की मदद करती है। बीते ढाई-तीन साल में हमारी संस्था से जुड़े करीब 18 लोगों का विवाह टूटा है। किसी का भी विवाह टूटना अच्छी बात नहीं है। रिश्ता टूटने का दुख हम सभी को होता है, लेकिन यह अलगाव कई साल लड़ाई लड़ने के बाद हुए हैं। उस जोड़े का संबंध तो उसी दिन खत्म हो गया था, जिस दिन पति के खिलाफ पत्नी ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अब वर्षों तक केस लड़ने के बाद, लाखों रुपये भरण-भोषण में देने के बाद कुछ पति केस जीते हैं, तो कुछ ने समझौता कर केस को बंद करवाया है। ऐसे पति जो हताश-निराश होकर मामला खत्म कर अब दोबारा खड़े हुए हैं, उनके लिए यह आयोजन है। 

मुख्यमंत्री से करेंगे समारोह को रोकने की मांग

इधर, संस्कृति विचार मंच के चंद्रशेखर तिवारी ने कहा है कि इस आयोजन के जरिये हमारी संस्कृति पर आघात करने का जो प्रयास हो रहा है। मंच यह सहन नहीं करेगा। मैं इस कार्यक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री और गृहमंत्री दोनों को दूंगा और उनसे मांग करूंगा कि इस आयोजन को रोका जाए। यदि यह आयोजन हुआ तो मंच इसका विरोध करेगा। 

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