केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) – PMAY-G 2025 के तहत नई लाभार्थी सूची जारी कर दी है। इस सूची का इंतजार देश के लाखों ग्रामीण परिवार कर रहे थे, जिन्हें पक्के मकान के लिए सरकारी सहायता मिलनी है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेघर, कच्चे मकानों में निवास करने वाले और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित व स्थायी आवास उपलब्ध कराना है।
सिर्फ इन्हीं लोगों को मिलेगा आवास का पैसा, देखें पात्रता नियम
सरकार द्वारा जारी की गई नई सूची में उन पात्र परिवारों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनका हाल ही में सर्वेक्षण पूरा हुआ था। यह सूची पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध है, जिसे लाभार्थी अपने राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत के आधार पर देख सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्रता पूरी करने वाले सभी परिवारों को चरणबद्ध तरीके से योजना का लाभ दिया जाएगा।
बैंक खाते में सीधे आएंगे 1.20 लाख रुपये, जानें पहाड़ी क्षेत्रों के लिए क्या है नियम
PM Awas Yojana Gramin 2025 के अंतर्गत लाभार्थियों को घर निर्माण के लिए प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी जाती है। मैदानी क्षेत्रों में पात्र परिवारों को ₹1,20,000 तक की सहायता मिलती है, जबकि पहाड़ी, दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में यह राशि ₹1,30,000 तक निर्धारित है। यह धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
लिस्ट में अपना नाम देखने का सबसे आसान तरीका
नई सूची में नाम देखने के लिए लाभार्थियों को PMAY-G के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। वहां “Stakeholders” विकल्प पर क्लिक करने के बाद “PMAYG Beneficiary / Search Beneficiary” सेक्शन में जाकर आवश्यक जानकारी भरनी होगी। यदि पंजीकरण संख्या उपलब्ध नहीं है, तो “Advanced Search” विकल्प के माध्यम से नाम, जिला, ब्लॉक और पंचायत के आधार पर भी खोज की जा सकती है। सबमिट करते ही स्क्रीन पर लाभार्थी से जुड़ी पूरी जानकारी दिखाई देती है, जिसमें यह भी शामिल होता है कि किस किस्त का भुगतान हुआ है।
UP, बिहार और MP के लोगों की लगी लॉटरी, बड़ी संख्या में नाम शामिल
सरकार द्वारा कई राज्यों में हाल ही में पुनः सर्वेक्षण कराया गया है, जिसके बाद हजारों नए परिवारों को सूची में जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा जैसे राज्यों में बड़ी संख्या में नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर बिहार में इस वित्तीय वर्ष के दौरान पांच लाख से अधिक अतिरिक्त आवासों का आवंटन किया गया, जिससे प्रतीक्षा सूची लगभग समाप्त हो गई है।
अक्टूबर 2025 तक बढ़ाई गई योजना, गरीबों के पक्के मकान का सपना होगा पूरा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी और इसे अक्टूबर 2025 तक विस्तारित किया गया है। इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण भारत में कोई भी परिवार बिना पक्के घर के न रहे। योजना न केवल आवास उपलब्ध कराती है, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी देती है। जो लोग इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर आधिकारिक पोर्टल पर सूची की जांच करते रहें और किसी भी समस्या की स्थिति में अपने ग्राम पंचायत या संबंधित ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें।



