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राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कमला दीदी का निधन, आईआईएमसी के महानिदेशक ने जताया शोक

New Delhi News Update: भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कमला दीदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। वह 81 वर्ष की थीं। उन्होंने कहा कि समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े लोग उनकी चिंता के केंद्र में थे। आदिवासी समाज के कल्याण और उनकी आत्मनिर्भरता के लिए किए गए उनके प्रयास हम सभी के लिए प्रेरणादायक हैं। ‘मूल्यानुगत मीडिया अभिक्रम समिति’ को भी सदैव उनका मार्गदर्शन मिलता रहा।

आदिवासियों का जीवन संवारा

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि वर्ष 1987 से बस्तर अंचल के 65 ग्रामों में अध्यात्म के द्वारा आदिवासियों के जीवन को संवारने और सुधारने का जो काम कमला दीदी ने शुरू किया, उसे कोई नहीं भूल सकता। ऐसी संवेदनशील कमला दीदी का हमारे बीच न होना बहुत दुखी करने वाला क्षण है।

अस्वस्थ थीं दीदी

कमला दीदी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं और रायपुर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। शनिवार सुबह शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर, रायपुर में उन्होंने अपनी पार्थिव देह का त्याग किया। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन हेतु विधानसभा मार्ग स्थित शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर में दोपहर 12 बजे से रखा गया है। अन्तिम संस्कार रविवार, 11 दिसंबर को दोपहर 1 बजे शांति सरोवर में ही किया जाएगा।

दीदी की भूमिका अहम रही

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सेवाओं को छत्तीसगढ़ में विस्तारित करने में कमला दीदी की अहम भूमिका थीं। माउंट आबू के बाहर संस्थान के प्रथम रिट्रीट सेंटर के रूप में शांति सरोवर का निर्माण उनके ही अथक परिश्रम से संभव हो सका था। वर्तमान में वे इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका के रूप में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के साथ ही राजस्थान और उड़ीसा के कुछ सेवा केंद्रों का प्रशासन भी देख रही थीं।

कमला दीदी को उनकी सामाजिक सेवाओं के लिए वर्ष 1997 में मध्यप्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल मोहम्मद शफी कुरैशी ने ‘सेठ नेमीचन्द श्रीश्रीमाल समाजसेवा अभिनंदन अवार्ड’ एवं वर्ष 2009 में छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा ‘स्त्री शक्ति सम्मान’ प्रदान कर सम्मानित किया गया था।

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