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ताजा हुई 1970 से 90  के दशक की याद, बेगूसराय में मवेशी डॉक्टर का पकड़ौआ विवाह

1970 से 1990 के दशक में पकड़ौआ विवाह के लिए चर्चित हुए बेगूसराय में आज भी ऐसे विवाह हो रहे हैं। सोमवार की रात भी बेगूसराय के एक मवेशी डॉक्टर की जबरन शादी करा दी गई। शादी के बाद भी लड़का-लड़की को गुप्त जगह पर रख दिया गया है। घटना तेघड़ा थाना क्षेत्र की है। पिढ़ौली निवासी सत्यम कुमार मवेशी के डॉक्टर हैं। वह घर -घर जाकर मवेशी का इलाज करते हैं।

मवेशी का इलाज करने के बहाने बुलाया

दूल्हा के परिजनों ने बताया कि सोमवार की दोपहर तेघड़ा थाना क्षेत्र के हसनपुर निवासी विजय सिंह ने फोन करके अपने मवेशी का इलाज करने के लिए सत्यम को बुलाया, उसके बाद सत्यम का कुछ पता नहीं चला। मंगलवार को सुबोध झा के मोबाइल पर एक वीडियो आया, जिसमें भीड़भाड़ के बीच सत्यम की शादी कराई जा रही थी। परिजनों का आरोप है कि विजय सिंह ने डॉ. सत्यम को जबरदस्ती पकड़ लिया तथा अपने लड़की से शादी करवा दी और उसे कहीं छुपा दिया है। वीडियो सामने आने के बाद परिजन ने सत्यम के अपहरण का मामला दर्ज कराया है।

मामले की जांच पड़ताल में लगी है पुलिस

इधर, तेघड़ा थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार पर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। सत्यम की शादी गढ़पुरा थाना क्षेत्र के मोरतर गांव स्थित विजय सिंह के साढु के यहां कराई गई है। पकड़ौआ विवाह और प्रेम प्रसंग में शादी, दोनों पहलुओं पर जांच पड़ताल तथा लड़के को बरामद करने की कार्रवाई कर रही है, उसके बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि 1970 के दशक में बेगूसराय में पकड़ौआ विवाह की शुरुआत हुई थी, जहां की प्रत्येक साल सैकड़ों लड़के को जबरन उठाकर शादी करा दी जाती थी। अच्छे परिवार और अधिक दहेज मांगने वाले परिवार के लड़के इसके टारगेट मिला में रहते थे। 90 के दशक तक बेगूसराय में यह खूब जोर-शोर से होता रहा तथा बेगूसराय से यह बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों में फैला। बाद के दिनों में पकड़ौआ विवाह होने का अनुपात कम गया, लेकिन अब एक बार फिर सत्यम की हुई शादी ने पकड़ौआ विवाह की याद ताजा कर रहा है।

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