RUSSIA- UKRAINE WAR : भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्कीबोले- सरेंडर नहीं करेंगे

पिछले 3 महीने से ज्यादा समय से रूस और यूक्रेन के बीच भीषण जंग जारी है। इस युद्ध में रूस निसंदेह रूप से यूक्रेन पर भारी पड़ रहा है लेकिन रूस को इस युद्ध से अब तक आशातीत सफलता नहीं मिली है। इधर, पूर्वी यूक्रेन में रक्षा पंक्ति को ध्वस्त करने के लिए उतारे गए रूसी सैनिकों और भीषण हमलों के बीच राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि वह सरेंडर तो किसी भी हाल में नहीं करेंगे। वहीं यूक्रेनी सेना भी सीविरोडोनेस्क से रूसी सैनिकों को खदेड़ने के लिए गली-गली में फैल चुकी है और उनका पुरजोर मुकाबला कर रही है।

लुहांस्क के 97 फीसदी क्षेत्र को ‘मुक्त’ कराने का दावा

अपने एक वीडियो संदेश में राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सैनिकों की संख्या बढ़ी है और वे आत्मसमर्पण नहीं करने वाले हैं। इस बीच, रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने लुहांस्क के 97 फीसदी क्षेत्र को ‘मुक्त’ कराने का दावा किया है। लुहांस्क के गवर्नर शेरी हैदाई ने मंगलवार को बताया कि रूसी सैनिकों ने सीविरोडोनेस्क के तटवर्ती औद्योगिक क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। हैदाई ने कहा कि सीविरोडोनेस्क की गलियों में भीषण युद्ध जारी है, जिसने सफलता के मायने बदल दिए हैं। स्थितियां लगातार बदल रही हैं, लेकिन यूक्रेनी सैनिक हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। हैदिया ने बताया कि रूसी सैनिक स्थानीय बाजार, स्कूल व कॉलेज भवनों पर भी बमबारी कर रहे हैं।

बंदरगाह से मालवाहक जहाजों का आना-जाना शुरू

रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने कहा कि यूक्रेनी बंदरगाह मारियुपोल व बर्डियांस्क पर बिछाई गई माइंस हटा ली हैं और वे अनाजों की खेप भेजने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहां मालवाहक जहाजों की आवाजाही भी शुरू हो गई है। यूक्रेन के कृषि नीति मामलों के प्रथम उपमंत्री तारास वायसोस्की ने कहा कि अगर रूस काला सागर के बंदरगाहों से नाकाबंदी नहीं हटाता है, तो उनका देश हर महीने सिर्फ 20 लाख टन अनाज का निर्यात कर पाएगा। युद्ध की शुरुआत के पूर्व यूक्रेन हर महीने 60 लाख टन अनाज का निर्यात करता था। बंदरगाहों पर रूस के कब्जे के बाद इसमें कमी आई है।

खार्कीव में वैगनर समूह का लड़ाका मारा गया

रूस के लिए युद्ध कर रहे वैगनर समूह के लड़ाके व्लादिमीर एंडोनोव को टोही मिशन के दौरान एक स्नाइपर ने पांच जून को खार्कीव के पास मार गिराया। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक एंडोनोव को रूसी अपना हीरो मानते थे, जबकि यूक्रेनी उसे जल्लाद कहते थे। आरोप है कि उसने यूक्रेन पर वर्ष 2014 में हुए रूसी हमले के दौरान युद्ध नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कई नागरिकों की हत्या की थी।

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