हरिद्वार में कच्ची शराब पीने से सात लोगों की मौत, गांव में मातम, ताबड़तोड़ छापा

HARIDWAR UTTRAKHAND NEWS : हरिद्वार से बड़ी खबर आ रही है। पथरी थाना क्षेत्र के फूलगढ़ और शिवगढ़ में पंचायत चुनाव को लेकर पिलाई गई कच्ची शराब से सात लोगों की मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में गम और शोक का माहौल है। प्रशासन और  स्वास्थ्य विभाग के अफसर घटना की जानकारी मिलने के बाद आनन-फानन में गांव पहुंचे। गांव पहुंचने के बाद मामले की गहराई से जानकारी ली। ग्रामीणों को जहरीली शराब पिलाने वाले प्रत्याशियों के घर और ठिकानों पर पुलिस में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इस बीच कुछ ग्रामीणों ने जंगल से लकड़ी लाकर बिना पोस्टमार्टम शवों का अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।

दो साल पहले 50 लोगों की मौत हुई थी

हरिद्वार जिले के देहात में कच्ची शराब बनाने और तस्करी करने का धंधा बड़े पैमाने पर होता है। दो साल पहले भगवानपुर और झबरेड़ा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में जहरीली शराब पीने से 50 से ज्यादा ग्रामीणों की मौत हो गई थी। इसी शराब से सहारनपुर जिले में भी 30 से ज्यादा ग्रामीण अकाल मौत का शिकार हो गए थे। इन दिनों इलाके में पंचायत चुनाव की सरगर्मी चल रही हैं और प्रत्याशी मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए उनकी पसंद के मुताबिक कच्ची, देसी और अंग्रेजी शराब पिला रहे हैं। पथरी थाना क्षेत्र के शिवगढ़ और खुल गढ़ में प्रत्याशियों की कच्ची जहरीली शराब पीने से 7 ग्रामीणों की मौत हो गई। इनमें पांच ग्रामीणों की मौत अपने घर पर हुई। जबकि दो ग्रामीणों ने जौलीग्रांट के हिमालयन अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। इनमें एक ग्रामीण की मौत शुक्रवार को हो गई थी। 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पहुंचे गांव

इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ योगेंद्र सिंह रावत ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई और पुलिस टीम को धरपकड़ के निर्देश दिए। इसके बाद आसपास के थानों की पुलिस टीमें भी गांव में बुला ली गई और प्रत्याशियों के घरों व ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। प्रत्याशी घरों से फरार बताए जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जहरीली शराब कहां बनी, कहां से लाई गई थी और किसने बांटी, इन सारे बिंदुओं पर छानबीन करते हुए आरोपितों की धरपकड़ के प्रयास चल रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह शराब और किस-किस गांव में भेजी गई है। ताकि उसे जब्त कर समय रहते हैं बाकी ग्रामीणों की जान बचाई जा सके।

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