Dhaka News: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने देश के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान को दिए गए राष्ट्रपिता के दर्जे को खत्म कर दिया है। स्वतंत्रतता सेनानियों से जुड़े कानून में संशोधन करके यह बदलाव किया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी गई।
यह फैसला मंगलवार को ऐसे वक्त में आया, जब कुछ दिन पहले ही मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शेख मुजीबुर्रहमान की तस्वीर को नए मुद्रा (करंसी) नोटों से हटा दिया है। अंतरिम सरकार ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी परिषद अधिनियम में संशोधन किया है, जिससे स्वतंत्रता सेनानी की परिभाषा को बदल दिया गया है।
बांग्लादेश के कानून, न्याय और संसदीय कार्य मंत्रालय ने इस संशोधन से जुड़ा अध्यादेश मंगलवार की रात को जारी किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि कानून में राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान शब्द को भी संशोधित किया गया है। शेख हसीना पिछले साल 5 अगस्त को देश छोड़कर भारत आ गई थीं। दरअसल, उनके खिलाफ देशभर में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे।
शेख मुजीबुर्रहमान अब बांग्लादेश के राष्ट्रपिता नहीं

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