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…और जेल में स्पेशल कैदी हो गए सिद्धू, स्पेशल डाइट की कोर्ट ने दी इजाजत

अपने जमाने के धाकड़ क्रिकेटर और कांग्रेस के कद्दावर नेता नवजोत सिंह सिद्धू रोडरेज  के एक मामले में इन दिनों पटियाला सेंट्रल जेल में हैं। उन्हें एक साल की सजा सुनाई गई है। जेल में सेहत बिगड़ने के बाद उनकी मेडिकल जांच हुई। पता चला कि उन्हें फैटी लीवर की शिकायत है। डॉक्टरों ने उन्हें लो फैट और फाइबर फूड खाने की सलाह दी है। उनका डाइट प्लान 24 मई को पटियाला की एक अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें स्पेशल डाइट देने की अनुमति दे दी है।

वजन कम करने की सलाह

डॉक्टरों ने सिद्धू को सलाह दी है कि वह अपना वजन कम करें। सिद्धू ने जेल में स्पेशल फूड के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास याचिका दी थी। इसके बाद अदालत ने उन्हें अस्पातल ले जाने और जांच कराने का आदेश दिया था। जांच में लीवर में इन्फेक्शन और फैटी लीवर पाया गया। अब सिद्धू के लिए जेल प्रशासन ने एक मेडिकल बोर्ड बनाया है, जो कि उनका डाइट प्लान तैयार करेगा।

बाजरे की रोटी खाने की सलाह

नवजोत सिंह सिद्धू का कहना है कि उन्हें गेहूं से एलर्जी है। हालांकि अस्पताल के एक डॉक्टर ने कहा कि गेहूं से एलर्जी होने का कोई आधार नहीं है। वजन कम करने के लिए अगर गेहूं का कम इस्तेमाल होगा तो भी ठीक रहेगा। राजेंद्र अस्पताल के आहार विशेषज्ञ का कहना है कि बोर्ड ने सिद्धू के लिए सूप, ककड़ी, चुकंदर, जूस और हाई फाइबर फूड की सिफारिश की है। गेहूं के विकल्प के रूप में उन्हें बाजरे की रोटी खाने की सलाह दी गई है।

किस मामले में हुई है सजा

गौरतलब है कि 1988 के रोडरेज के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नवजोत सिंह सिद्धू को सजा सुनाई है। बहस और हाथापाई के बाद एक 65 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई थी। पहले कोर्ट ने सिद्धू पर केवल 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था, लेकिन पीड़ित परिवार ने पुनर्विचार याचिका दायर की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक साल कैद की सजा सुना दी।

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