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सोशल मीडिया का कुप्रभाव… व्हीलचेयर पर पहुंचाया

Social Media Bad Effect : फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप,  ट्विटर, फेसबुक पर चिपके रहने वालों के लिए बुरी खबर है। हालांकि, सोशल मीडिया की लत उन्हें न सिर्फ शारीरिक और मानसिक स्तर पर बीमार बनाती है, बल्कि उन्हें कई मामलों में परिवार, समाज और देश-दुनिया से भी अलग-थलग कर देती है। इसमें कोई दो मत नहीं कि समय काटने और मनोरंजन के लिए  सोशल मीडिया का अपना अलग महत्व है, पर आप इसका इस्तेमाल किस रूप में करते हैं यह बड़ी बात है। अगर आप इसके सकारात्मक पहलू पर फोकस करते हुए एक सीमा में इसका उपयोग करते हैं तो यह आपको कई स्तर पर सशक्त बना सकता है अन्यथा इसके कुप्रभाव की कोई सीमा नहीं है। 12 से 14 घंटे तक सोशल मीडिया पर डटी रहनेवाली इंग्लैंड के वोर्सेस्टर की 29 वर्ष की एक महिला सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव की बानगी है, जिसका देखते ही देखते न सिर्फ सामाजिक ताना-बाना बिगड़ गया, बल्कि वह कई बीमारियों की भी चपेट में आ गई।

 करोड़ों की कमाई, सेहत गवाईं

 फेनेला फॉक्स नाम की यह महिला सब्सक्रिप्शन साइट ओन्लीफैंस पर एडल्ट कंटेंट क्रिएटर हैं। इस साइट से उसने न सिर्फ लगभग नौ करोड़ रुपये की कमाई की बल्कि टॉप वन पर्सेंट कंटेंट क्रिएटर की लिस्ट में शामिल हो गईं, हैं, परंतु यहां तक पहुंचने में  उसकी सेहत दांव पर लग गई।कोरोना काल में उसने सोशल मीडिया का कुछ इस हद तक इस्तेमाल किया कि वह सिर दर्द और बुखार से पीड़ित रहने लगी। आंखें भी कमजोर हो गईं। तनाव का स्तर इस हद तक बढ़ गया कि दिल से जुड़ी समस्याएं घर करने की लगीं।

सबकुछ गवांकर आई होश में

एक वक्त भी आया जब गिरते स्वास्थ्य की वजह से फेनेला फॉक्स को व्हीलचेयर तक का सहारा लेना पड़ा। उड़ने काम की अवधि भी 14 घंटे से घटाकर 10 घंटे कर दी। सपोर्ट के लिए स्टाफ भी रख लिए, फिर भी स्वास्थ्य पहले की तरह पटरी पर नहीं लौटा। समस्या बनी रही। अब वह धीरे-धीरे इस आदत में व्यापक बदलाव की दिशा में अग्रसर है। स्वास्थ्य ही धन है, यह नहीं तो कुछ भी नहीं… वह सबसे कहते फिर रही।

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