झाड़-फूंक के नाम पर यादव परिवार की लड़की को छेड़ता था पलामू का मौलाना,  इसलिए लड़की के भाई ने मौलाना को जिंदा जलाकर मार डाला 

मौलाना अताउल्लाह कासमी का फाइल फोटो।

Jharkhand and Madhya Pradesh news : झारखंड अंतर्गत पलामू जिला निवासी मौलाना अताउल्लाह कासमी को उसकी ससुराल में कुछ लोगों ने छेड़छाड़ के आरोप में मध्य प्रदेश के शहडोल में जिंदा जला दिया। मौलाना पर यादव परिवार की एक लड़की से छेड़छाड़ करने का आरोप लड़की के भाई ने लगाया है। शहडोल जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के पड़मनिया जंगल से 26 सितंबर को मौलाना का शव बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि मौलाना को झाड़-फूंक कराने के बहाने मध्य प्रदेश बुलाया गया था। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में मौलाना अताउल्लाह कासमी की ससुराल है। अत्ताउल्लाह के पांच बच्चे हैं। सभी पलामू में ही रहते हैं। 

हत्यारोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मौलाना की हत्या की मामले में पुलिस ने शहडोल के उधिया निवासी रामजियावन यादव के पुत्र शिव शंकर यादव को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के क्रम में उसने पुलिस को बताया कि झाड़-फूंक के नाम पर मौलाना उसकी बहन से छेड़छाड़ करता था। इसलिए उसने मौलाना की हत्या कर दी। मारे गए मौलाना अताउल्लाह कासमी के भाई खालिद हुसैन ने गुरुवार को बताया कि 19 सितंबर तक मौलाना अताउल्लाह कासमी गुरहा में ही थे। इसी दिन उधिया से शिवशंकर यादव ने फोन कर उन्हें मध्य प्रदेश बुलाया और अपनी बहन का झाड़-फूंक करने के लिए कहा। मौलाना अताउल्लाह शिवशंकर के यहां पहले भी झाड़-फूंक के लिए जा चुके थे। 19 सितंबर को बातचीत के बाद मौलाना शहडोल के लिए निकल गए और अगले दिन ससुराल पहुंच गए। 

21 सितंबर के बाद से लापता था मौलाना

21 सितंबर को वह शिव शंकर यादव के घर पहुंचे और शाम चार बजे तक झाड़-फूंक किया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा था। मौलाना के स्वजन कई दिनों से उनकी तलाश कर रहे थे। इस क्रम में पड़मनिया के जंगल से वन विभाग के कर्मियों ने एक अज्ञात शव बरामद किया। 26 सितंबर को शव की पहचान अताउल्लाह के रूप में हुई। पुलिस ने छानबीन के क्रम में संदेह के आधार पर शिवशंकर यादव को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली और पूरी घटना के बारे में पुलिस को बताया। 

जंगल में दिया घटना को अंजाम

शिवशंकर यादव ने पुलिस को बताया कि झाड़फूंक करने के बाद मौलाना उसके घर से अपनी ससुराल के लिए निकले तो वह भी साथ हो लिया। दोनों मोटरसाइकिल से जा रहे थे। कुछ दूर जाने के बाद उसने मौलाना अताउल्लाह को एक शार्टकट रास्ते की जानकारी दी और रास्ता दिखाने के बहाने मौलाना को पीछे बैठाकर खुद मोटरसाइकिल चलाने लगा। रास्ते में पड़मनिया जंगल में वह लघुशंका करने के बहाने रुका। इसी बीच मौका देख कर उसने मौलाना पर हमला कर बेहोश किया और फिर मोटरसाइकिल से पेट्रोल निकालकर आग लगा दी। हत्या के बाद आरोपित ने मौलाना की मोटरसाइकिल, मोबाइल, हेलमेट आदि को वहां से कुछ दूर सोन नदी के किनारे फेंक दिया। 

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