छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क का परिवहन 5 दिनों से पूरी तरह से बंद, खनिज निगम को हो रहा भारी नुकसान

Business News from Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम बैलाडिला इकाई द्वारा वन विभाग को 145 करोड़ रूपए की बकाया राशि नहीं देने पर लौह अयस्क से भरी रेल को आज चौथे दिन भी रोक दिया गया जिसके चलते खनिज निगम को भारी नुकसान हो रहा है। अधिकारिक जानकारी के अनुसार, वन विभाग और राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के बीच खनन क्षेत्र की टीपी (ट्रांसपोटिंग परिवहन) पिछले लंबे समय से बकाया है। इसी को लेकर यह पूरा विवाद हुआ है। वन विभाग का कहना है कि लगभग 144 करोड़ रुपये की टीपी एनएमडीसी को खनन क्षेत्र से लौह अयस्क परिवहन के एवज में अब तक नहीं दी गयी है, जिसके चलते वन विभाग ने अब ट्रकों और रेल से लौह अयस्क परिवहन के लिए टीपी जारी करना बंद कर दिया है।

हर दिन करीब 200 ट्रक लौह अयस्क का परिवहन

यहां से प्रतिदिन सड़क मार्ग से ही करीब 200 ट्रक लौह अयस्क का परिवहन होता है। रोजाना लगभग कई मालगाड़ी से बचेली और किरंदुल परियोजना से मिलाकर लौह अयस्क भरकर विशाखापटनम जाती है। परिवहन रुकने पर निगम को रोजना करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
परिवहन संघ के अध्यक्ष ए अनिल ने बताया कि मंगलवार से लौह अयस्क का परिवहन बंद है। इसके चलते रोजाना ट्रक मालिकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, जल्द इस मामले में कोई रास्ता निकलना चाहिए।

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