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शान्तनु सिन्हा स्मृति चेरिटेबल ट्रस्ट की कवि गोष्ठी सह चैता मिलन संपन्न

शान्तनु सिन्हा स्मृति चेरिटेबल ट्रस्ट की कवि गोष्ठी सह चैता मिलन संपन्न

Ranchi news : रांची ट्रस्ट की अनुषांगिक इकाई भारतीय वाङ्मय सृजन संस्थान के तत्वावधान में हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् २०८२ की पूर्व संध्या के अवसर पर होटल सिटी पैलेस, लालपुर राँची में एक कवि गोष्ठी सह चैता मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक डॉ ममता मनीष सिन्हा, राज रामगढ़ी एवं कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कंचन सिंह (IAS, CEO-JSLPS) शोभायमान रहीं। आमंत्रित शिक्षाविदों, गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिष्ठित कवि-साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति में गौरवानुभूति के साथ कार्यक्रम सफलतापूर्ण संपन्न हुआ। मां सरस्वती की वंदना कवि राज रामगढी ने की।

डॉ. ममता मनीष सिन्हा ने बताया कि स्व. शान्तनु सिन्हा चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से समाज सेवा एवं सामाजिक उत्थान मेरा पारिवारिक संकल्प है, मेरे सभी परिजन इस सम्बन्ध में दृढ़ संकल्पित हैं और मेरे साथ हैं।

मुख्य अतिथि कंचन सिंह  ने वर्तमान साहित्य संसार में कविता की प्रासंगिकता पर व्याख्यान दिया और उन्होंने कहा कि अच्छी कविताओं की रचना होनी चाहिए, जो सरल भाषा में श्रोताओं के हृदय तक पहुंचे। कवियों को अपनी रचनाओं का प्रथम आलोचक स्वयं होना चाहिए, जिससे कविता परिष्कृत होकर कालजयी बन जाएगी।

उन्होंने कहा कि हमें अन्य प्रादेशिक भाषाओं के उत्थान के लिए भी कार्य करना होगा। किसी भी भाषा के संरक्षण उत्थान और विस्तार के लिए कवि पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि इस महती कार्य में वह हर संभव सहयोग करेंगी।

वहीं विशिष्ट अतिथियों में रवि श्रीवास्तव, प्रसिद्ध कवि, गीतकार, शायर कुमार विजेन्द्र कवि गीतकार प्रणव पराग, शायरा कवयित्री रेनू त्रिवेदी मिश्रा रेणुबाला धार व ऋतुराज वर्षा मीडिया प्रभारी रहीं। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में साहित्य में कविता तथा चैत्र मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भोजपुरी लेखन गायन की विद्या चैता का भी विस्तारपूर्ण वर्णन किया। होटल सिटी पैलेस के मालिक विजय राजगढ़िया का भी कार्यक्रम में योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम में काव्यपाठ करने वाले कवि कवयित्रियों में क्रमशः डॉ रेणुबाला धार, विजय रंजन, कामेश्वर कुमार कामेश, रेणु झा रेणुका, नितेश मिश्र, ऋतुराज वर्षा, संपदा ठाकुर, खुशबू वर्णवाल सीपी, सुनीता अग्रवाल पिंकी, अजित प्रसाद, पंकज पुष्कर आदि विशेष रूप से रहें। मंच के संस्थापक मनीष सिन्हा ने कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए भविष्य में मंच द्वारा बड़े कवि सम्मेलन की घोषणा की। डॉ ममता मनीष सिन्हा के द्वारा सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

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