प्रयागराज: कोडीन युक्त सीरप तस्करी मामले में नामजद आरोपियों को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है । हाई कोर्ट ने आरोपियों की वह याचिकाएं की खारिज कर दी हैं जिसमें केस रद करने की मांग की गई थी। यह निर्णय न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने भोजनावकाश बाद बस्ती की खुशबू गोयल सहित अन्य कई जिलों के आरोपियों की याचिकाओं पर सुनाया है। आरोपियों के खिलाफ गाजियाबाद, बस्ती, जौनपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर नगर सहित कई अन्य जिलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बचाव पक्ष का कहना था कि मामला ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत आता है इसलिए इसमें प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकती है। एक्ट में कंप्लेंट का प्रावधान है लेकिन पुलिस बीएनएस और एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कर रही है। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि कफ सिरप में कोडीन फास्फेट नामक तत्व मिला है जिसका उपयोग सिर्फ नशे के लिए किया जा रहा है। इसलिए मामला एनडीपीएस एक्ट का है । इसके प्रावधानों का याचियों ने उल्लंघन किया और फर्जी फर्म बनकर सिर्फ कागज़ पर ट्रांजिक्शन दिखाया गया।
Prayagraj News: कोडीन सिरप तस्करों को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, अब NDPS एक्ट के तहत ही चलेगा केस

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