नयी दिल्ली : पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक और कदम उठाते हुए वहां से होनेवाले आयात पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) की ओर से साफ किया गया है कि पाकिस्तान से होनेवाले आयात पर प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए लगाया गया है।
वाणिज्य मंत्रालय की ओर से इस सम्बन्ध में जारी किये गये नोटिफिकेशन के अनुसार फॉरेन ट्रेड पॉलिसी 2023 में एक नया प्रावधान जोड़ा गया है। इस प्रावधान के तहत पाकिस्तान से प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी तरह से इंपोर्ट या ट्रांजिट पर अगले आदेश तक के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस प्रतिबंध से किसी भी तरह की छूट के लिए भारत सरकार से मंजूरी लेनी होगी।
फॉरेन ट्रेड पॉलिसी 2023 में ‘पाकिस्तान से आयात पर प्रतिबंध’ शीर्षक वाले नये प्रावधान में कहा गया है कि “पाकिस्तान से आयात या निर्यात किये जानेवाले सभी सामानों के प्रत्यक्ष या परोक्ष इंपोर्ट या ट्रांजिट (पारगमन), चाहे वे स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हों या किसी अन्य प्रकार से अनुमत हों, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा।”
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम के पास बैसरान घाटी में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर हमला किया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गयी थी। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कूटनीति कदम उठाये, जिसमें पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को रद्द करने, पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को निष्कासित करने, सिंधु जल संधि को निलम्बित करने और अटारी बॉर्डर पर इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट को बंद करने जैसे कदम भी शामिल थे। अब भारत ने पाकिस्तान से होनेवाले ट्रेड पर भी अगले आदेश तक पूरा प्रतिबंध लगा कर पड़ोसी देश को करारा झटका दिया है।
भारत और पाकिस्तान के बीच के व्यापारिक सम्बन्ध पहले ही न्यूनतम स्तर पर पहुंचे हुए थे। क्योंकि दोनों देशों के बीच आधिकारिक तौर पर व्यापार प्रतिबंध पहले से ही लागू है। इसके बावजूद कुछ खास चीजों के लिए दोनों देश अनौपचारिक चैनल के जरिये एक-दूसरे के साथ व्यापारिक सम्बन्ध बनाये हुए थे। भारत पाकिस्तान से कुछ खास तरह के फल और मेवा (ड्राई फ्रूट) का आयात करता था। इसी तरह पाकिस्तान को अनौपचारिक चैनल के जरिये भारत मुख्य रूप से कुछ खास दवाओं और चीनी का निर्यात करता था।
अगर दोनों देशों के बीच के व्यापारिक सम्बन्ध और टर्नओवर की बात करें, तो 2018-19 में दोनों देशों के बीच का व्यापार 2.56 बिलियन डॉलर के स्तर तक पर था। इसमें भारत ने 495 मिलियन डॉलर का समान पाकिस्तान से आयात किया था, जबकि 2.06 बिलियन डॉलर का सामान पाकिस्तान को निर्यात किया था। हालांकि, इसके बाद दोनों देशों के बीच का प्रत्यक्ष व्यापारिक सम्बन्ध (डायरेक्ट ट्रेड) न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। 2020-21 में भारत का पाकिस्तान को निर्यात 329 मिलियन डॉलर के स्तर तक गिर गया। हालांकि, अनौपचारिक चैनल (इनडायरेक्ट ट्रेड) के जरिये पाकिस्तान ने 2023-24 में भारत से 258.20 मिलियन डॉलर का सामान मंगाया था।
भारतीय बंदरगाहों पर पाकिस्तानी जहाजों की एंट्री पर प्रतिबंध, डाक सेवाएं भी निलम्बित
भारत सरकार के नौवहन महानिदेशालय ने किसी भी पाकिस्तानी जहाज के भारत के किसी भी बंदरगाह पर ठहरने पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही, किसी भी भारतीय जहाज को पाकिस्तान के बंदरगाहों पर जाने से रोक लगा दी है।
मर्चेंट शिपिंग एक्ट, 1958 की धारा 411 के तहत आज आदेश (03 मई 2025) जारी किया गया और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। नौवहन महानिदेशालय का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय हित, भारतीय समुद्री परिसम्पत्तियों, माल और बंदरगाही अवसंरचना की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। आदेश में कहा गया है कि किसी विशेष मामले में छूट की आवश्यकता होगी तो उसका मूल्यांकन अलग से किया जायेगा।
वहीं, संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने एक सार्वजनिक सूचना जारी की है, जिसमें पाकिस्तान से आनेवाली सभी श्रेणियों की इनबाउंड डाक और पार्सल सेवाओं को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है। यह रोक वायु और सतह दोनों मार्गों से लागू होगी। सरकार के इस फैसले के बाद अब पाकिस्तान से कोई पत्र, पार्सल या अन्य डाक सामग्री भारत नहीं आ सकेगी।
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाये। इसमें पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को रद्द करने, पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को निष्कासित करने, सिंधु जलसंधि को निलम्बित करने और अटारी बॉर्डर पर इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट को बंद करने जैसे कदम हैं। अब भारत ने पाकिस्तान से होनेवाले ट्रेड पर भी अगले आदेश तक पूरा प्रतिबंध लगा कर पड़ोसी देश को करारा झटका दिया है।



