Ranchi news: झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (JSCA) में आंतरिक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। संघ के आजीवन सदस्य डॉ. श्याम बहादुर सिंह द्वारा प्रस्तुत विस्तृत प्रतिवेदन में न केवल अपनी जान को खतरा, आपराधिक धमकी और साजिश के आरोप लगाए गए हैं, बल्कि कथित साजिशकर्ताओं के नाम और उनकी भूमिका भी उजागर की गई हैं।
क्या है मामला?
डॉ. सिंह के अनुसार उन्होंने RTI और अन्य वैधानिक माध्यमों से JSCA में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों को उजागर किया। इसी के प्रतिशोध में उनके विरुद्ध नियम 31 के तहत आजीवन सदस्यता समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। यह मामला पहले से ही झारखंड उच्च न्यायालय में लंबित W.P.(C) संख्या 3655/2025 से भी जुड़ा हुआ है। इसमें डॉ. सिंह एक अहम सहायक गवाह हैं।
सामने आए कथित साजिशकर्ता और उनकी भूमिका
प्रतिवेदन में निम्नलिखित व्यक्तियों की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। इसमें चाईबासा जिला क्रिकेट संघ के सचिव
कथित रूप से पूरे घटनाक्रम के मुख्य संचालक
डॉ. सिंह के विरुद्ध कार्रवाई की रणनीति तैयार करने और उसे आगे बढ़ाने में प्रमुख भूमिका। पूर्व में अंडर-19 खिलाड़ियों के फर्जी दस्तावेजों से जुड़े विवादों में नाम आने का भी उल्लेख है।
श्री राम पुरी व्हाट्सएप संवाद में सक्रिय भागीदारी। कथित रूप से विरोध का माहौल तैयार करने और समर्थन जुटाने में संलिप्त।
JSCA के कुछ वर्तमान पदाधिकारी पर आरोप है कि ये लोग प्रशासनिक संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। विशेष आम सभा (SGM/AGM) बुलाकर प्रस्ताव को वैध रूप देने का प्रयास। इसमें एक बाहरी राज्य (बिहार) से जुड़ा सदस्य
संदिग्ध पते के आधार पर सदस्यता लेने का आरोप।
लंबे समय से संसाधनों के उपयोग के साथ पर्दे के पीछे से सहयोग करने की भूमिका।
JSCA District व्हाट्सएप चैट से बढ़ा विवाद
संलग्न व्हाट्सएप वार्तालापों में कुछ सदस्यों द्वारा “घातकों को JSCA परिवार से बाहर करने” और “ऐसे लोगों को बचाने का प्रयास न करने” जैसी टिप्पणियां सामने आई हैं।
कुछ संदेशों में विशेष आम सभा (SGM) बुलाकर निर्णय लेने की बात भी कही गई, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आशंकाएं और गहरी हो गई हैं।


शिकायत पत्र की ई-मेल जानकारी
डॉ. सिंह द्वारा यह शिकायत पत्र दिनांक 05.04.2026 को JSCA के शीर्ष पदाधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से प्रेषित किया गया। ई-मेल विवरण इस प्रकार है—
श्री सौरभ तिवारी (सचिव, JSCA) – tiwary.saurabh@gmail.com
श्री अजय नाथ शाहदेव (अध्यक्ष, JSCA) – ajayshahdeo@gmail.com
श्री संजय सहाय (JSCA) – jscasecy@gmail.com
JSCA आधिकारिक ई-मेल – jscackt@gmail.com
JSCA रांची – jscaranchi@gmail.com
इस शिकायत की प्रतिलिपि झारखंड उच्च न्यायालय, राज्य मानवाधिकार आयोग तथा राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है।
गंभीर आरोप: धमकी, साजिश और न्यायिक हस्तक्षेप
डॉ. सिंह ने अपने प्रतिवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई पूर्वनियोजित और प्रतिशोधात्मक है। यह कदम उन्हें लंबित न्यायिक प्रक्रिया से हटाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। उन्हें आपराधिक धमकी, मानसिक दबाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप और संघीय नियमों के दुरुपयोग का मामला बताया है।
प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें
किसी भी प्रकार की अवैध SGM/AGM पर रोक लगाई जाए। उनकी सदस्यता के विरुद्ध कोई भी मनमानी कार्रवाई न हो। संबंधित व्यक्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका। पुलिस में आपराधिक शिकायत और अन्य वैधानिक मंचों पर कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी, प्रशासनिक और नैतिक संकट की स्थिति
JSCA में उभरता यह विवाद अब केवल आंतरिक मतभेद नहीं, बल्कि कानूनी, प्रशासनिक और नैतिक संकट का रूप ले चुका है। साजिशकर्ताओं के नाम सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संघ प्रबंधन इस पूरे घटनाक्रम पर क्या ठोस कदम उठाता है और क्या निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाती है।



