राजकमल में अंतरसदनीय भाषण प्रतियोगिता
Dhanbad news :राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर धनबाद में शनिवार को हिन्दी विभाग द्वारा अंतर सदनीय भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें बाल किशोर एवं तरुण वर्ग के छात्रों ने भाग लिया। बाल वर्ग का विषय विद्यार्थी जीवन में संस्कार का महत्त्व एवं किशोर एवं तरुण वर्ग के लिए शिक्षा में नवाचार का महत्त्व निर्धारित था।
विद्यालय के प्राचार्य सुमंत कुमार मिश्रा ने कहा कि शिक्षा में नवाचार बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों में गति लाता है। इससे नयी-नयी चीजें व नया ज्ञान सीखने को मिलता है। नवाचार न हो, तो प्रगति रुक जायेगी। उपप्राचार्य मनोज कुमार ने कहा कि यह प्रतियोगिता मात्र भाषण प्रतियोगिता नहीं है, इसका मूल उद्देश्य नवाचार एवं संस्कार के महत्त्व को बताना है। बच्चों को इसे जीवन में उतारने की आवश्यकता है।
प्रभारी पार्थ सारथी सरकार ने कहा कि हमारी जैसी सोच होगी हम वैसा ही बनेंगे। विद्यालय के निर्धारित नियमों का पालन करना हमारा संस्कार है, इससे हमें दूर नहीं होना चाहिए। इस प्रतियोगिता में रुद्र कुमार गुप्ता, प्रेम कुमार गुप्ता, प्रत्यूष चौधरी, रक्षित पांडे, सक्षम शर्मा, वैभव राज पाठक, युवराज सिंह, फहद खान, वसंत हेम्ब्रम, सुमित तिवारी, विनायक स्वर्णकार, श्रेय अग्रवाल, अंशुमन मोदक, श्याम कुमार, शाश्वत राज भारती तथा अनमोल कुमार ने भाग लिया। बाल वर्ग में विनायक स्वर्णकार प्रथम, अंशुमन मोदक द्वितीय, श्याम कुमार तृतीय, किशोर एवं तरुण वर्ग में फहद खान प्रथम, रक्षित पांडेय द्वितीय एवं युवराज सिंह तृतीय स्थान पर रहे।
निर्णायक की भूमिका का निर्वहन हिन्दी शिक्षिका रेणु सिन्हा एवं पूजा कुमारी ने किया। मंच संचालन नीलकमल एवं प्रिंस राज द्वारा किया गया। बाल वर्ग के वक्ताओं ने कहा कि हमारे जीवन में संस्कार का बहुत महत्त्व है। मात्र शिक्षित हो जाने से हम संस्कारित नहीं होते, वहीं किशोर एवं तरुण वर्ग के वक्ताओं ने कहा कि नवाचार से नयी-नयी बातें सामने आती हैं और यदि हम उनका अनुकरण करें, तो जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। इस कार्यक्रम में प्राचार्य सुमंत कुमार मिश्रा, उप प्राचार्य मनोज कुमार, प्रभारी कमल नयन, पार्थ सारथी सरकार, हिन्दी के विभागाध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा, अर्चना कुमारी, मीना कुमारी, आशा प्रसाद, पवन तिवारी आदि उपस्थित थे।



