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मप्र के ग्वालियर हाई कोर्ट में डॉ. आम्बेडकर की मूर्ति लगाने के विवाद में अब मायावती की एंट्री

मप्र के ग्वालियर हाई कोर्ट में डॉ. आम्बेडकर की मूर्ति लगाने के विवाद में अब मायावती की एंट्री

राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की सभी बाधाएं दूर कर प्रतिमा स्थापित कराने की मांग

ग्वालियर : मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में संविधान निमार्ता बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की भी एन्ट्री हो गई है। उन्होंने मामले में राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मांग की है कि सभी बाधाओं को दूर कर तत्काल उच्च न्यायालय परिसर में डॉ. आम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित कराई जाए।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से कहा कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट खण्डपीठ ग्वालियर में अधिवक्ताओं की माँग व उन्हीं के आर्थिक सहयोग से बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा लगाने की अनुमति कोर्ट द्वारा दी गई। कोर्ट के निर्देशन में ही स्थान का चयन एवं चबूतरा बनाया गया। प्रतिमा भी बनकर तैयार हुई। किन्तु कुछ जातिवादी सोच से ग्रसित अधिवक्ताओं द्वारा प्रतिमा स्थापना का विरोध किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ वक्तव्यों के बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं की गई। बाबा साहब के विरोधियों को यह समझना होगा कि सदियों से उपेक्षित बहुजन समाज अब अपना सम्मान पाना चाहता है।

  ने कहा कि मध्य प्रदेश के राज्यपाल, उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री भी प्रतिमा लगाने में आ रही बाधाओं को दूर करके तत्काल उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में संविधान निमार्ता, भारतरत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक स्थापित कराएं, यह अनुरोध है।

इससे पहले गुरुवार को भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील बैरसिया के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। फूलबाग स्थित मानस भवन में पहले सभा संबोधित की गई। इसके बाद कलेक्ट्रेट की तरफ कूच करने से पहले ही उन्हें रोक दिया गया। इस स्थिति में सुनील बैरसिया द्वारा एसडीएम अतुल सिंह को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता मौके से रवाना हो गए।

दरअसल, 19 मई को जबलपुर में मुख्य न्यायाधीश के साथ दोनों पक्षों की बैठक हुई थी, जिसमें प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय फिलहाल टाल दिया गया, लेकिन प्रतिमा लगाने के समर्थक अब आंदोलन की राह पर उतर आए हैं। भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील बिसारिया ने चेतावनी दी है कि जो लोग प्रतिमा नहीं लगने देंगे उन्हें ईंट का जबाब पत्थर से दिया जाएगा।

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