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सचिव शैलेंद्र कुमार ने आरडीसीए को बनाया लूट का अड्डा, कमीशन के खेल का हुआ भंडाफोड़

सचिव शैलेंद्र कुमार ने आरडीसीए को बनाया लूट का अड्डा, कमीशन के खेल का हुआ भंडाफोड़

पहले आरडीसीए के खाते से पेमेंट किया और बाद में उसका कुछ हिस्सा अपने निजी खाते में मंगा लिया

Ranchi News : रांची जिला क्रिकेट संघ (RDCA) के सचिव शैलेन्द्र कुमार पर संघ के पैसे का बंदरबांट करने के मामले में शिकंजा कसता जा रहा है। इस मामले में आरडीसीए उनके विरुद्ध कोई बड़ा फैसला ले सकता है। इस मामले को लेकर आरडीसीए के पूर्व सचिव सुनील सिंह लेनदेन का पूरा दस्तावेज जेएससीए को सौंप चुके हैं। आरडीसीए के पूर्व सचिव सुनील सिंह द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि वर्तमान सचिव शैलेंद्र कुमार ने संघ को लूट का अड्डा बना लिया था। संघ के पैसों का इस्तेमाल अपने निजी हितों में किया। इतना ही नहीं, उन्होंने संघ के खाते से जिन व्यक्तियों को भुगतान किया, उन्हीं से कमीशन की राशि अपने निजी बैंक खाते में मंगा ली। ऐसे दर्जनों उदाहरण हैं। इस मामले को लेकर रांची जिला क्रिकेट संघ के भीतर सचिव के खिलाफ असंतोष बढ़ता जा रहा है।

कई सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई

संघ के वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कुछ दस्तावेजों और लेनदेन को लेकर सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई है। आरोप है कि संघ से संबंधित कुछ राशि का लेनदेन अधिकृत संगठनात्मक खाते के बजाय व्यक्तिगत खाते से किया गया। क्रिकेट प्रशासन से जुड़े जानकारों का मानना है कि किसी भी खेल संस्था में वित्तीय लेनदेन पूरी तरह संस्थागत बैंक खातों के माध्यम से होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। ऐसे में यदि व्यक्तिगत खाते का उपयोग किया गया है तो इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है।

आरोपों से इनकार कर रहे सचिव शैलेंद्र कुमार

संघ के पूर्व सचिव सुनील सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सभी वित्तीय अभिलेखों को सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि क्रिकेट खिलाड़ियों, क्लबों और सदस्यों का विश्वास बनाए रखने के लिए वित्तीय मामलों में पूर्ण पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने यह भी मांग की है कि पिछले वर्षों के आय-व्यय का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए।
वहीं दूसरी ओर, शैलेन्द्र कुमार का कहना है कि उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार और संगठन की आंतरिक राजनीति से प्रेरित हैं। उनका दावा है कि सभी वित्तीय कार्य निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार किए गए हैं तथा किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।

बड़ा मुद्दा बन सकता है

मामले को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों का मानना है कि विवाद चाहे जो भी हो, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और संगठन की प्रतिष्ठा बनी रहे। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रांची जिला क्रिकेट संघ इन आरोपों पर क्या कदम उठाता हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह खेल प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

वित्तीय लेनदेन का विवरण

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