New Delhi News: चुनाव आयोग ने मतदान रुझानों की समय से जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अपनी प्रक्रिया को तकनीकी और त्वरित बनाने का निर्णय लिया है। इससे पुराने मैनुअल तरीके की तुलना में देरी कम होगी और मतदान प्रतिशत से जुड़ी जानकारी समय पर मिल सकेगी।
इससे पहले मतदान प्रतिशत का आंकड़ा क्षेत्रीय अधिकारी फोन, संदेश या एसएमएस से भेजता था। जानकारी देर रात या अगले दिन तक अपडेट होती रहती थी। इससे असल आंकड़े जारी होने में 04 से 05 घंटे की देरी होती थी और कई बार इससे गलत धारणाएं बनती थीं। आयोग का कहना है कि नई प्रक्रिया से यह समस्या समाप्त होगी।
चुनाव संचालन नियम 1961 के नियम 49एस के अंतर्गत, प्रत्येक मतदान केन्द्र के ‘प्रेसाइडिंग आॅफिसर’ को मतदान समाप्ति के बाद ‘फॉर्म 17सी’ मतदान एजेंटों को देना आवश्यक है। यह कानूनी प्रावधान यथावत रहेगा। इसके साथ ही ‘वोटर टर्नाआउट’ (वीटीआर) ऐप को अब एक नया रूप दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य आंकड़ों को तेजी से अपडेट करना है। नया ‘वीटीआर ऐप’ अब ‘ईसीआईनेट’ का हिस्सा बनेगा और बिहार चुनाव से पहले पूरी तरह लागू किया जायेगा।
‘Presiding officer’s’ हर दो घंटे में सीधे ‘ईसीआईनेट’ ऐप पर मतदान प्रतिशत दर्ज करेगा
चुनाव आयोग के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लगातार समय से जानकारी हितधारकों तक पहुंचाने पर जोर देते रहे हैं।
अब नए सिस्टम में हर ‘प्रेसाइडिंग आॅफिसर’ मतदान के दिन हर दो घंटे में सीधे ‘ईसीआईनेट’ ऐप पर मतदान प्रतिशत दर्ज करेगा। यह आंकड़े स्वत: निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर एकत्र होंगे। मतदान प्रतिशत हर दो घंटे में पहले की तरह प्रकाशित होते रहेंगे। वहीं, मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतदान केन्द्र छोड़ने से पहले ‘प्रेसाइडिंग आॅफिसर’ ईसीआईनेट ऐप में आंकड़े दर्ज करेगा। नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में जानकारी आफलाइन दर्ज की जा सकेगी और नेटवर्क उपलब्ध होते ही सिंक हो जायेगी।



