New Delhi News: भारत में पिछले महीनों में बड़ी भगदड़ की दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। इसे देखते हुए भगदड़ को रोकने के लिए नये नियम बनाये जा रहे हैं।
प्रयागराज महाकुम्भ से लेकर बेंगलुरु में हाल ही में हुई भगदड़ की घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। घटना के बाद सरकार का ध्यान इस तरफ गया है। भीड़ प्रबंधन के विशेषज्ञों का कहना है, जिस स्थान पर भीड़ एकत्रित हो रही हो। वहां के लिए नया ग्रेड रिस्पांस एक्शन प्लान तैयार किया जाना चाहिए, ताकि भगदड़ जैसी दुर्घटनाएं भविष्य में ना हो।
भीड़ प्रबंधन के लिए स्टैंडर्ड आॅपरेटिंग प्रोसीजर सबसे बड़ी जरूरत है। मेला, उत्सव, धार्मिक यात्राएं, कथा, खेलकूद राजनीतिक रेलियां, सभाएं, सांस्कृतिक आयोजन, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे भीडभाड़ वाले स्थान पर नियमों का पालन जरूरी हो।
आयोजक और परमिशन देनेवाले दोनों के लिए नियम तैयार किये जा रहे हैं। आयोजन स्थल पर एक व्यक्ति पर एक मीटर अधिकतम 02 से अधिक व्यक्तियों की अनुमति नहीं दी जायेगी। भीड़भाड़ वाले स्थान में एक इन और एक आउट के दो द्वारा होंगे। भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेट्स, सीसीटीवी, ड्रोन इत्यादि की भी तैनाती की जायेगी।
कहीं एकाएक भीड़ बढ़ती है। एक मीटर जगह पर दो से अधिक व्यक्ति एकत्रित होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में भीड़ को आगे बढ़ने से रोका जायेगा। इसके लिए जो सुरक्षा बल तैनात हैं, उन्हें निरन्तर सूचनाएं मिलती रहें। इसका प्रावधान किया जा रहा है।
सुरक्षा में लगे हुए पुलिस के जवान और स्वयंसेवक भीड़ बढ़ने की दशा में अन्य स्थानों पर किस तरह से डायवर्ट करें, इसकी भी ट्रेनिंग जरूरी की जा रही है। भीड़ को यदि रोका जा रहा है, तो उसको कारण भी बताये जाने की बात नियमों में है। जहां पर भीड़ एकत्रित हो रही है, वहां पर अफवाहों को रोकने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किये जाने की जिम्मेदारी तय की जायेगी।
आईआईटी मद्रास पिछले 02 सालों से भीड़ को नियंत्रित करने की दिशा में काम कर रही है। आईआईटी मद्रास ने रियल टाइम भीड़ का बर्ताव समझने का एक मॉडल तैयार किया है। महाराष्ट्र के पंढरपुर में आषाढ़ एकादशी को होने वाली भीड़ को सम्भालने के लिए प्लान तैयार किया गया है। यहां पर 12 से 15 लाख श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।
आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर पीएस महापात्र तथा प्रोफेसर महेश पंचनगुला के नेतृत्व में संस्थान की टीम ने माप और गणना के आधार क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया है। पुलिस को साइंटिफिक क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम को लागू करने की अनुशंसा की है। पिछले दो वर्षों में पंढरपुर में भगदड़ से संबंधित कोई दुर्घटना नहीं हुई। आईआईटी चेन्नई ने विज्ञान आधारित भीड़ को नियंत्रित करने की जो प्रबंधन प्रणाली तैयार की है, उसके आधार पर भविष्य में होनेवाले आयोजनों की अनुमति दी जाने की प्रक्रिया निष्पादित की जायेगी, ताकि भगदड़ से होनेवालीं मौतों को रोका जा सके।
एक मीटर में दो लोगों से ज्यादा की अनुमति नहीं, भगदड़ को रोकने के लिए नये नियम

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