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मैतेई नेता की गिरफ्तारी के बाद मणिपुर में फिर भड़की हिंसा

मैतेई नेता की गिरफ्तारी के बाद मणिपुर में फिर भड़की हिंसा

▪︎ बिष्णुपुर जिले में पूर्ण कर्फ्यू, इंटरनेट सेवा बंद

▪︎ पांच जिलों में बीएनएसएस की धारा 163 लागू

▪︎ राज्यपाल से मिले विभिन्न दलों के 25 विधायक और सांसद के प्रतिनिधिमंडल

Imphal News: मैतेई समुदाय के संगठन अरंबाई टेंगोल के अग्रणी नेता कानन सिंह को शनिवार रात सीबीआई गिरफ्तारी के बाद मणिपुर में फिर से हिंसा भड़क गयी है। रविवार सुबह पूर्वी और पश्चिमी इंफाल से जलते हुए वाहनों, सड़क जाम और दुकानों के बंद होने की कई तस्वीरें आयी हैं।
अशांति और दहशत के माहौल को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गयी हैं। पुलिस और अर्द्धसैनिक बल सम्बन्धित संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं। प्राप्त तस्वीरों में रात भर संगठित हिंसा के सबूत दिख रहे हैं।
वहीं, प्रदेश के पांच जिलों में बढ़ती हिंसा के मद्देनजर 25 विधायकों और एक सांसद के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की। ताजा हिंसा पर अपनी चिन्ता व्यक्त करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से स्थिति से निपटने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से कर्फ्यू और इंटरनेट सेवा बाधित होने के मद्देनजर स्पष्टीकरण और उचित हस्तक्षेप की मांग की है।

राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद राजभवन से बाहर आये कांग्रेस विधायक ओकराम सूर्यकुमार ने चिन्ता जताते हुए कहा कि अरमबाई टेंगोल के पांच बेटों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी गिरफ्तारी का कारण अभी बताया नहीं गया है। इससे लोगों में अशांति और दहशत का माहौल है। साथ ही, इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गयी हैं। अगर सरकार ऐसे संवेदनशील कदम उठाना चाहती है, तो हमने राज्यपाल से इन सभी मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में शामिल भाजपा विधायक खंगवंतबाम इबोम्चा ने अरंबाई टेंगोल के खिलाफ सरकार के रुख पर जोर देते हुए कहा, ‘हमने गिरफ्तार सदस्यों की रिहाई के लिए राज्यपाल से अपील की है। सरकार ने हाल ही में आयी बाढ़ के दौरान अरंबाई टेंगोल के योगदान को मान्यता दी है।

अरेम्बाई तेंगगोल से जुड़े कानन सिंह की गिरफ्तारी के बाद स्थिति और खराब हो गयी

शनिवार रात कानन सिंह की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश में स्थिति और खराब हो गयी। नागरिकों में व्यापक दहशत फैल गयी। कई इलाकों में सड़क जाम और स्वत:स्फूर्त बंद हो रहे हैं। हिंसा को रोकने के लिए राज्य प्रशासन ने इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल और काकचिंग जिलों में सीआरपीसी की धारा 163 लागू कर दी है, जिसमें चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गयी है। इसके अलावा बिष्णुपुर जिले में पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया गया है।
कानन सिंह की गिरफ्तारी सीबीआई जांच से सम्बन्धित है। अन्य चार लोगों को उस दिन घटना के दौरान उनके साथ होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। इस सम्बन्ध में राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि घटना की जांच चल रही है। अगर वे घटना में शामिल नहीं हैं, तो उन्हें जल्द रिहा कर दिया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार की रात इंफाल हवाई अड्डे से अरेम्बाई तेंगगोल (एटी) संगठन के एक सदस्य कानन सिंह को गिरफ्तार किया है। कानन सिंह मणिपुर में 2023 में हुई हिंसा से सम्बन्धित विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। सीबीआई ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी उसके परिजनों को दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार मणिपुर हिंसा की जांच सीबीआई कर रही है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मणिपुर हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई मणिपुर से स्थानांतरित कर गुवाहाटी कर दी गयी है।

अरेम्बाई तेंगगोल मैतेई युवाओं का संगठन है

अरेम्बाई (एक पारंपरिक मैतेई हथियार) तेंगगोल(समूह) मैतेई युवाओं का संगठन है। 2023 की जातीय हिंसा के दौरान इस पर कई हिंसक गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप लगे हैं।
सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद कानन सिंह को इंफाल से गुवाहाटी लाया गया है। उसे जल्द ही सक्षम न्यायालय के समक्ष पुलिस रिमांड के लिए पेश किया जायेगा।
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी भी जारी है। मणिपुर हिंसा को लेकर पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अरेम्बाई तेंगगोल संगठन का नाम पहले भी हिंसा से जुड़ी घटनाओं में आया है।
इस गिरफ्तारी से मणिपुर हिंसा से जुड़े मामलों की जांच को गति मिलने की उम्मीद है। इससे जुड़े अन्य आरोपितों की भी तलाश की जा रही है।

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