New Delhi News: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार को मानेसर, गुरुग्राम में इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। दो दिवसीय इस सम्मेलन का उद्देश्य देश में तेजी से हो रहे शहरीकरण में शहरी स्थानीय निकायों की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करने के साथ ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और वर्तमान समय में शहरी शासन के नये तौर-तरीकों को उजागर करना भी है। केन्द्र सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और अन्य गण्यमान्य व्यक्ति उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन का विषय संवैधानिक लोकतंत्र को सुदृढ़ करने और राष्ट्र निर्माण में शहरी स्थानीय निकायों की भूमिका है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में पूरे देश से पांच महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। 04 जुलाई को कार्यवाही की शुरुआत में पांचों समूह अपने-अपने उप-विषयों पर प्रस्तुति देंगे । समापन सत्र में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय उपस्थित विशिष्टजनों को सम्बोधित करेंगे। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण और अन्य गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
सम्मेलन के पांच विषय
- लोकतंत्र के आधारभूत स्तम्भों के रूप में शहरी स्थानीय निकाय : आम परिषद की बैठकों के संचालन के लिए मॉडल पद्धति और प्रक्रिया संहिता तैयार करना।
- समावेशी विकास और प्रगति के साधन के रूप में शहरी स्थानीय निकाय : संवैधानिक जनादेश को पूरा करने के लिए नगरपालिका शासन को अधिक प्रभावी बनाना।
- 21वीं सदी के भारत के वास्तुकारों के रूप में शहरी स्थानीय निकाय : 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में स्थानीय निकायों का योगदान।
- महिलाओं के सशक्तीकरण के साधन के रूप में शहरी स्थानीय निकाय : महिलाओं को समाज और राजनीति में नेतृत्व के लिए तैयार करना।
- नवाचारों और सर्वोत्तम प्रथाओं के केन्द्र के रूप में शहरी स्थानीय निकाय : आमजन तक सेवाएं पहुंचाना और नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाना।
सम्मेलन के समापन दिवस पर प्रतिनिधियों को प्रेरणा स्थल, संविधान सदन और संसद भवन का दौरा कराया जायेगा।
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तृणमूल सांसद सौगत रॉय की हालत नाजुक
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। नर्व रोग, श्वसन संक्रमण, किडनी की गड़बड़ी और उच्च रक्तचाप समेत कई जटिलताओं से जूझ रहे रॉय की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन गम्भीर बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें राइस ट्यूब के माध्यम से भोजन दिया जा रहा है और शरीर में पोटैशियम का स्तर असामान्य रूप से बढ़ा हुआ है। सौगत रॉय की तबीयत उस समय बिगड़ी जब वह हाल ही में दीघा में आयोजित जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन समारोह में जानेवाले थे। पहले ही उनके दिल में पेसमेकर लगाया गया था और अक्षय तृतीया के दिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले बेलघरिया स्थित एक अस्पताल और फिर दक्षिण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह 22 जून से अस्पताल में भर्ती हैं। सौगत रॉय के इलाज के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है, जिसमें प्रमुख स्नायुरोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज साहा के अलावा डॉक्टर वैभव, अरिंदम मैत्र और राहुल जैन शामिल हैं। डॉक्टरों के मुताबिक सांसद को नींद नहीं आने की गम्भीर समस्या है, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ रही है। सोमवार से हालत और अधिक जटिल हुई, जिसके चलते उन्हें ट्यूब के माध्यम से भोजन देना पड़ा। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार सौगत रॉय की सांस की नली में संक्रमण है। उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है। किडनी सम्बन्धी समस्या भी सामने आयी है और इंसुलिन भी दिया जा रहा है। इसके अलावा पीठ दर्द से भी वह परेशान हैं और बोलने के दौरान शब्दों के उच्चारण में भी दिक्कत आ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अब उन्हें फिजियोथेरेपी की भी आवश्यकता है। इससे पहले 10 मार्च को संसद सत्र के दौरान भी सौगत रॉय संसद भवन में ही अस्वस्थ हो गये थे। उस समय उन्हें व्हीलचेयर में बाहर लाया गया और दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि, तब उनकी स्थिति स्थिर रही और उन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी थी। सौगत रॉय की बिगड़ती सेहत को लेकर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और समर्थकों में गहरी चिन्ता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार उनकी हालत को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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