▪︎ रात 02 बजे तक चली जिला प्रशासन, प्रबंधन और परिजनों की बीच वार्ता
Ranchi News: झारखंड के रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र अंतर्गत करमा परियोजना में अवैध खनन के दौरान शनिवार की सुबह चाल धंसने से 04 लोगों की हुई मौत को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। ग्रामीणों की ओर से मुआवजे की मांग की गयी। आखिरकार, ग्रामीणों की मांगों के आगे सीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन को झुकना पड़ा और मुआवजा देने के लिए तैयार हुए। यह वार्ता आधी रात के बाद तक चली।
शनिवार की रात करीब दो बजे प्रबंधन, प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच हुई वार्ता चली। इसके बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने अपना आन्दोलन समाप्त कर दिया गया। इसमें मजदूरों के परिजनों को कुल 08 लाख रुपये के मुआवजे पर बात बनी है। इसमें हर मृतक के परिजन को सीसीएल प्रबंधन 1.70 लाख प्रति व्यक्ति रुपये देगा। जबकि, जिला प्रशासन 30 हजार रुपये प्रति व्यक्ति देगा। इस तरह से कुल 08 लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बनी। इसके अलावा मृतकों के परिजनों के एक-एक सदस्य को आउटसोर्सिंग के जरिये काम देने की भी सहमति बनी है। इस सफल वार्ता के बाद परिजनों ने वहां से शवों को उठा कर अपने आन्दोलन को समाप्त कर दिया। खदान में मरनेवाले चार मजदूरों की पहचान मो. इम्तियाज, रामेश्वर मांझी, वकील करमाली और निर्मल मुंडा के रूप में हुई है।
सहमति पत्र पर मृतक के परिजनों और सीसीएल प्रबंधन ने किये हस्ताक्षर
राजनीतिक दल, सीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के बीच चली त्रिपक्षीय वार्ता में मुआवजे की रकम तय होने के बाद आन्दोलन खत्म हो गया। इस समझौते पत्र पर मृतक के परिजनों की ओर से गुलशन करमाली, बुधन मांझी, मो. मुमताज और विजय करमाली ने हस्ताक्षर किये। इसके अलावा सीसीएल की ओर से प्रबंधक कार्मिक अविनाश कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार सिंह, करमा परियोजना पदाधिकारी रामेश्वर मुंडा ने दस्तखत किये।
क्या था मामला ?
करमा के महुआतुंगड़ी के ग्रामीण शनिवार की तड़के सुबह सीसीएल के लीज एरिया करमा परियोजना में कोयला चोरी करने पहुंचे थे। इसी दौरान अवैध खनन करते समय कोयला का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इसमें चार लोग दब गये, जिससे उनकी मौत हो गयी। सीसीएल के अधिकारियों ने अपनी गलती को छिपाने की जल्दबाजी में पेलोडर लगा कर शव हटाने का प्रयास किया। इसे लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के साथ परिजनों ने शव को पीओ कार्यालय के समक्ष रख कर परिजन और ग्रामीण आधी रात के बाद तक मुआवजे की मांग को लेकर अड़े हुए थे।



