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‘आपरेशन सिन्दूर’ रोकने को दुनिया के किसी नेता ने नहीं कहा : मोदी

‘आपरेशन सिन्दूर’ रोकने को दुनिया के किसी नेता ने नहीं कहा : मोदी

लोकसभा में ‘आपरेशन सिन्दूर’ पर चर्चा मेंशामिल हुए प्रधानमंत्री, दिया विपक्ष के सवालों का जवाब

New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में मंगलवार को स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के खिलाफ ‘आॅपरेशन सिन्दूर‘ को रोकने के लिए उन्हें ‘दुनिया के किसी नेता’ ने नहीं कहा था। लेकिन, कांग्रेस पाकिस्तान से आयातित बयानों को लेकर देश के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है।
प्रधानमंत्री ने लोकसभा में ‘आपरेशन सिन्दूर’ पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए पूरे अभियान पर प्रकाश डाला और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें उन्होंने बार-बार कहा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रुकवाया था।
श्री मोदी ने पूरे अभियान का जवाब देते हुए कहा, ‘भारत ने 06 मई की रात को जैसा तय किया था, वैसी कार्रवाई की और पाकिस्तान कुछ नहीं कर पाया। 22 मिनट में, 22 अप्रैल का बदला निर्धारित लक्ष्य के साथ हमारी सेना ने ले लिया। ‘आपरेशन सिन्दूर’ के दौरान दुनिया ने भारत की आत्मनिर्भर ताकत को पहचाना। ‘मेक इन इंडिया’ ड्रोन और मिसाइलों ने पाकिस्तान के हथियारों की पोल खोल कर रख दी। आतंक की घटनाएं पहले भी देश में होती थीं, लेकिन तब आतंकियों के मास्टरमाइंड निश्चिंत रहते थे और आगे की तैयारी में लगे होते थे, क्योंकि उन्हें पता था, कुछ नहीं होगा। लेकिन, अब मास्टरमाइंड को नींद नहीं आती। उन्हें पता है कि अब भारत आयेगा और मार कर जायेगा। यह न्यू नॉर्मल भारत ने सेट कर दिया है।’
अपने बयान में मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से हुई बातचीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘आपरेशन सिन्दूर’ की रात (09-10 जुलाई) को अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने मुझसे बात करने की कोशिश की, लेकिन मैं उस समय सैन्य अधिकारियों के साथ रणनीतिक चर्चा में व्यस्त था। बाद में फोन पर बात हुई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बड़ा हमला करनेवाला है। मैंने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान को यह बहुत महंगा पड़ेगा। अगर पाकिस्तान हमला करेगा, तो हम बड़ा हमला कर जवाब देंगे। आगे मैंने कहा था, ”हम गोली का जवाब गोले से देंंगे’।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान की सैन्य शक्ति को उसी रात तहस-नहस कर दिया। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान के लिए सबक था। पाकिस्तान को हमारे जवाब का अर्थ भली-भांति समझ में आ गया है। भारत का हर जवाब पहले से ज्यादा सशक्त होता है। यदि नौबत आयी, तो भारत आगे कुछ भी कर सकता है।
उन्होंने कहा, ‘हमने सिन्दूर से लेकर सिंधु तक, पाकिस्तान पर कार्रवाई की है। यहां पर विदेश नीति को लेकर भी काफी बातें कही गयींं। दुनिया के समर्थन को लेकर भी काफी बातें कही गयीं। दुनिया में किसी भी देश ने भारत को अपनी सुरक्षा में कार्रवाई करने से रोका नहीं है। 193 देशों में से सिर्फ 03 देश ने पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिया था। क्वाड हो या ब्रिक्स हो… दुनियाभर से भारत को समर्थन मिला। दुनिया के देशों का समर्थन मिला, लेकिन यह दुर्भाग्य है कि मेरे देश के वीरों के पराक्रम को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला।’
श्री मोदी ने कहा, ’22 अप्रैल के आतंकी हमले के बाद तीन-चार दिन में ही ये उछल रहे थे और कहना शुरू किया कि कहां गयी 56 इंच की छाती, मोदी तो खो गया… ये मजा ले रहे थे।
पहलगाम के निर्दोष लोगों की हत्या में भी वे अपनी राजनीति तलाश रहे थे।
10 मई को भारत ने ‘आपरेशन सिन्दूर’ के तहत हो रहे एक्शन को रोकने की घोषणा की, इसे लेकर यहां भांति-भांति की बातें की गयींं।
यह वही प्रोपेगेंडा है, जो सीमा पार से यहां फैलाया गया है। कुछ लोग सेना द्वारा दिये गये तथ्यों की जगह पाकिस्तान के झूठे प्रचार को आगे बढ़ाने में जुटे हुए थे, जबकि भारत का रूख हमेशा स्पष्ट रहा था।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘दुनिया के किसी भी नेता ने भारत को आपरेशन रोकने के लिए नहीं कहा।’
श्री मोदी ने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की ओर लगातार बढ़ रहा है, जबकि दुर्भाग्य से कांग्रेस राजनीतिक बयानों के लिए पाकिस्तान पर निर्भर है।
दुर्भाग्य से, ऐसा लगता है कि अब उनके मुद्दे भी सीमा पार से ‘आयात’ करने पड़ रहे हैं।

कांग्रेस काल जैसे हालात होते, तो ‘आपरेशन सिन्दूर’ के बारे में सोच भी नहीं सकते थे : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘आपरेशन सिन्दूर’ पर हुई विशेष चर्चा में मंगलवार को कांग्रेस पर रक्षा क्षेत्र को नजरअंदाज किये जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे थे कि छोटे-मोटे हथियारों के लिए भी विदेश पर निर्भर रहना पड़ता था। अगर ऐसे ही हालात रहते, तो ‘आॅपरेशन सिन्दूर’ के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था।
प्रधानमंत्री ने लोकसभा में पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के सशक्त, सफल और निर्णायक ‘आॅपरेशन सिन्दूर’ पर जारी विशेष चर्चा में मंगलवार को भाग लिया। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में ही यह सम्भव हुआ है कि भारत मेक इन इंडिया के तहत विकसित हथियारों से लैस होकर इस प्रकार की कार्रवाई करने की स्थिति में आया है। ‘आपरेशन सिन्दूर’ मेक इन इंडिया की ताकत का उदाहरण है। इसके कारण आज दुनिया में भारत का रक्षा क्षेत्र में डंका बज रहा है।
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के शासन के दौरान सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के सम्बन्ध में सोचा तक नहीं जाता था, आज भी आत्मनिर्भर शब्द का मजाक उड़ाया जाता है। हर रक्षा सौदे में कांग्रेस अपने मौके खोजती थी। हर छोटे-छोटे हथियारों के लिए विदेशों पर निर्भरता, यह इनका कार्यकाल रहा है।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के काल में भारत को छोटे-छोटे हथियारों के लिए भी विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर रहना पड़ता था। शोध और तकनीकी विकास के रास्ते जान-बूझ कर बंद कर दिये गये थे। पिछले एक दशक के प्रयासों से स्थिति बदली है। आज भारत ने रक्षा उत्पादन में 250 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और निर्यात 30 गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सैन्य रिफोर्म भी उनकी सरकार में किये गये। सीडीएस की नियुक्ति इसका बड़ा उदाहरण है। सेनाओं ने भी इसे दिल से स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आज निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ रही है। सरकारी कम्पनियां बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।

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