• चशोटी गांव में मचैल माता की धार्मिक यात्रा के लिए पहुंचे कई लोग बहे, 65 को बचाया गया
New Delhi News: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में मचैल माता मंदिर के मार्ग पर चशोती गांव में गुरुवार को बादल फटने से 38 लोगों की मौत हो गयी और 120 लोग घायल हो गये। हादसे में 220 लोगों के लापता होने की खबर है। बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। चशोती मंदिर के मार्ग पर स्थित ऐसा अंतिम गांव है, जहां किसी वाहन से पहुंचा जा सकता है। बादल फटने की घटना की सूचना मिलने पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से फोन पर बात की।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती में दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच उस समय बादल फटा, जब बड़ी संख्या में लोग मचैल माता मंदिर की यात्रा के लिए एकत्र हुए थे। चशोती से मंदिर तक की 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू होती है। टीवी रिपोर्ट के अनुसार 33 शव बरामद किये गये हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। चशोती किश्तवाड़ से लगभग 90 किलोमीटर दूर 9,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। श्रद्धालुओं के लिए आयोजित लंगर को बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गयी।
किश्तवाड़ हादसे पर पीएम मोदी ने किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बचाव और राहत अभियान जारी है। जरूरतमंदों को हर सम्भव सहायता प्रदान की जायेगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने जरूरतमंद लोगों को हर सम्भव सहायता का दिया आश्वासन
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बादल फटने की घटना पर दुख जताते हुए ट्वीट किया, ‘किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की घटना पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से बात की। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य चला रहा है। एनडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गयी हैं। हम स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और हर परिस्थिति में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। जरूरतमंद लोगों को हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया।



