जामताड़ा जिले में कई दिनों से चल रहा है फाइलेरिया उन्मूलन अभियान
घर- घर जाकर दी जा रही हैं डीईसी, अल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन की दवाएं
सभी विभागों के समन्वय से अभियान को मिल रही मजबूती
02 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गम्भीर बीमार व्यक्तियों को दवा से वंचित रखा गया है
आमजन से अपील : “खुद दवा खायें, दूसरों को भी प्रेरित करें”
Jamtara news : जामताड़ा जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ़ाइलेरिया उन्मूलन अभियान (आईडीए राउंड) गत कई दिनों से ज़ोर-शोर से चलाया जा रहा है। यह अभियान 10 अगस्त से झारखंड के 9 जिलों में एक साथ प्रारम्भ किया गया था, जिसमें जामताड़ा प्रमुख जिलों में शामिल है।
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. डीडी मुंशी ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्रत्येक घर पर जाकर पात्र लाभुकों को फ़ाइलेरिया रोधी तीन दवाओं – डीईसी, अल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन का सेवन कराया जा रहा है। यह सभी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और मुफ़्त हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जामताड़ा के 04 चिह्नित प्रखंडों की 08 लाख 55 हज़ार 538 आबादी को लक्षित किया गया है, जिनमें से 06 लाख 97 हजार लोगों को दवा खिलाया जा चुका है। जामताड़ा जिले में अभियान की निगरानी के लिए नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं और सूक्ष्म कार्ययोजनाओं के आधार पर प्रखंडवार गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।
जिले के वीबीडी कंसल्टेंट रत्नेश कुमार ने बताया कि अभियान को सफल बनाने में शिक्षा, आंगनबाड़ी, पंचायती राज, नगर निकाय, स्वच्छता, आजीविका एवं जलापूर्ति विभागों की सहभागिता महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
यह ध्यान दिया जा रहा है कि 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं एवं गम्भीर रूप से बीमार व्यक्ति इस दवा से वंचित रहें, जबकि शेष सभी नागरिकों को आयु के अनुसार फ़ाइलेरिया रोधी दवाओं की नि:शुल्क खुराक स्वास्थ्यकर्मियों के सामने ही खिलायी जाये। ये दवाएं खाली पेट नहीं खानी हैं।



