Ranchi news : राजधानी रांची में शनिवार देर रात पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लालपुर थाना क्षेत्र स्थित ओम गर्ल्स हॉस्टल से सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में 10 लड़कियों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इस हॉस्टल को देह व्यापार का अड्डा बना दिया गया था, जहां से लड़कियों को शहर और आसपास के इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था।
छापेमारी में पुलिस का एक्शन
जानकारी के मुताबिक, रांची पुलिस को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि ओम गर्ल्स हॉस्टल में अवैध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना की पुष्टि करने के बाद शनिवार को सिटी डीएसपी, कोतवाली डीएसपी, लालपुर थाना प्रभारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हॉस्टल पर छापा मारा गया। इस दौरान 10 लड़कियों को मौके से हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक वस्तुएं भी मिली हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
रैकेट के नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश
कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि हॉस्टल का इस्तेमाल सेक्स रैकेट के लिए किया जा रहा था। यहां रह रही लड़कियों को पैसों के लालच में विभिन्न स्थानों पर भेजा जाता था। पुलिस ने कहा है कि इन लड़कियों से पूछताछ कर रैकेट के मास्टरमाइंड और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पिछले महीनों में भी भंडाफोड़
रांची पुलिस ने हाल के महीनों में ऐसे कई रैकेट का पर्दाफाश किया है। कुछ समय पहले ही शहर के बरियातू और कोतवाली थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने छापेमारी कर कई लड़कियों और दलालों को गिरफ्तार किया था। इन मामलों में ज्यादातर लड़कियों को बाहर के राज्यों से लाकर यहां अवैध धंधे में धकेला जा रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह संगठित गिरोह राजधानी के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय हैं और इन्हें चलाने के पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम करता है।
लड़कियों को कैसे फंसाया जाता है?
अक्सर इस तरह के रैकेट में गरीब और बेरोजगार लड़कियों को टारगेट किया जाता है। उन्हें पढ़ाई या नौकरी के नाम पर हॉस्टल में रखा जाता है और बाद में पैसों और दबाव के जरिए देह व्यापार में धकेला जाता है। कई मामलों में दलाल सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स का भी सहारा लेते हैं। धीरे-धीरे इन्हें एक बड़े नेटवर्क से जोड़ दिया जाता है और लड़कियां चाहकर भी बाहर नहीं निकल पातीं।
समाज पर असर
रांची जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में लगातार सेक्स रैकेट का खुलासा होना गंभीर चिंता का विषय है। इससे न केवल अपराध बढ़ता है बल्कि युवाओं का भविष्य भी अंधकारमय होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए समाज और पुलिस दोनों को मिलकर काम करना होगा। अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है ताकि उनकी बेटियां किसी गलत चक्रव्यूह में न फँसें।
पुलिस की सख्ती और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में कहा है कि सभी लड़कियों से पूछताछ के बाद रैकेट चलाने वालों की गिरफ्तारी की जाएगी। जिन लोगों ने हॉस्टल का इस्तेमाल इस अवैध धंधे के लिए किया है, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि रांची में चल रहे सभी गर्ल्स हॉस्टल और पेड गेस्ट हाउस की जांच की जाएगी ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
जागरूकता और समाधान
समाजशास्त्रियों का कहना है कि सेक्स रैकेट की जड़ें गरीबी, बेरोजगारी और जागरूकता की कमी से जुड़ी होती हैं। अगर युवाओं को सही दिशा, रोजगार और सुरक्षित माहौल मिले तो वे इस दलदल में नहीं फँसेंगे। वहीं, सरकार और प्रशासन को भी चाहिए कि समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाएँ और ऐसे रैकेट को जड़ से खत्म करने की ठोस रणनीति बनाई जाए।



