Ukraine पर Russia के अटैक को नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (NATO) ने बेहद गंभीरता से लिया है। हमले के बाद 24 फरवरी को नाटो ने रूस को बहुत भारी आर्थिक और राजनीतिक कीमत चुकाने की चेतावनी दी है। नाटो ने ब्लॉक के पूर्वी हिस्से में ‘अतिरिक्त रक्षात्मक भूमि और वायु सेना’ की तैनाती की घोषणा की है। रिपोर्ट के अनुसार नाटो ने रूसी आक्रमण का जवाब देने के लिए अपने सभी बलों की तैयारी में वृद्धि की घोषणा की है।
रूसी कार्रवाई यूरो अटलांटिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा
गठबंधन ने एक बयान में कहा, “रूस की कार्रवाई यूरो-अटलांटिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है और उनके भू-रणनीतिक परिणाम होंगे। नाटो सभी सहयोगियों की सुरक्षा और रक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करना जारी रखेगा।” आपातकालीन परामर्श के बाद, ब्लॉक (समान राजनीतिक हित वाले देशों का गुट) ने अपने ‘निरोध और रक्षा’ को मजबूत करने के लिए ‘अतिरिक्त कदम उठाने’ का फैसला किया। रिपोर्ट के अनुसार, नाटो ने कहा कि हमारे उपाय निवारक, आनुपातिक और नॉन-एस्केलेटरी हैं।
यूक्रेन पर हमला अनुचित और अकारण
गठबंधन ने रूस के सैन्य ‘ऑपरेशन’ को ‘यूक्रेन पर एक भयानक हमला, जो पूरी तरह से अनुचित और अकारण है’ करार दिया और मास्को से कार्रवाई को तुरंत बंद करने का आह्वान किया। बयान में कहा गया कि “रूस बहुत भारी आर्थिक और राजनीतिक कीमत चुकाएगा। नाटो प्रासंगिक हितधारकों और यूरोपीय संघ सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ निकटता से समन्वय करना जारी रखेगा।” नाटो का दावा है कि उसने रूस के साथ कूटनीति और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया है और नाटो-रूस परिषद में बातचीत के लिए इसे ‘बार-बार आमंत्रित’ किया है।



