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इंडिया जल्द बनने वाला है दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला देश, यूएन की रिपोर्ट में लगाया गया अनुमान

इंडिया जल्द बनने वाला है दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला देश, यूएन की रिपोर्ट में लगाया गया अनुमान

Today (आज) के समय में चीन दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, लेकिन अगले ही साल यानी 2023 में भारत चीन को पीछे छोड़ कर दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन सकता है। ऐसा अनुमान 11 जुलाई को जारी यूनाइटेड नेशन यानी संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में लगाया गया है  इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की आबादी (Population) नवंबर 2022 के मध्य तक आठ अरब तक पहुंचने का अनुमान है।

चीन और भारत में 2.3 बिलियन लोग

रिपोर्ट में कहा गया है कि “2023 में भारत के दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन से आगे निकलने का अनुमान है।” 2022 में दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्र पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया हैं, जिनमें 2.3 बिलियन लोग हैं। यह विश्व की आबादी का 29 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं। मध्य और दक्षिणी एशिया में 2.1 बिलियन लोग हैं जो कुल विश्व जनसंख्या का 26 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं।

1950 से धीमी गति से बढ़ रही दुनिया की जनसंख्या

 संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या विभाग की आर्थिक और सामाजिक मामलों की इकाई ने विश्व जनसंख्या संभावना 2022 में कहा है कि दुनिया की जनसंख्या 15 नवंबर, 2022 को आठ अरब तक पहुंचने का अनुमान है।

सन 1950 के बाद से दुनिया की जनसंख्या सबसे धीमी गति से बढ़ रही है। यह 2020 में एक प्रतिशत से कम हो गई है। संयुक्त राष्ट्र के नए अनुमानों से पता चलता है कि दुनिया की जनसंख्या 2030 में लगभग 8.5 बिलियन और 2050 में 9.7 बिलियन तक बढ़ सकती है।

इस वर्ष का जनसंख्या दिवस 1 मील का पत्थर :  यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि, “इस वर्ष का विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) एक मील का पत्थर है, जब हम पृथ्वी के आठ अरबवें निवासी के जन्म की आशा करते हैं. यह हमारी विविधता का जश्न मनाएं. हमारी सामान्य मानवता को पहचानें, और स्वास्थ्य में प्रगति पर आश्चर्य करें जिसने जीवनकाल बढ़ाया है और नाटकीय रूप से मातृ एवं बाल मृत्यु दर में कमी आई है.“

उन्होंने कहा, “साथ ही यह हमारे ग्रह की देखभाल करने के लिए हमारी साझा जिम्मेदारी की याद दिलाता है और यह प्रतिबिंबित करने का क्षण है कि हम अभी भी एक-दूसरे के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं में कम कहां हैं.”

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