Income Tax department यानी आयकर विभाग ने 3 मार्च को जानकारी दी है कि हाल ही में दूरसंचार उत्पाद का कारोबार करने वाली चीन की एक कंपनी पर छापा मारा गया, जहां कंपनी द्वारा कर चोरी करने के सबूत मिले। कंपनी ने फर्जी बिल के जरिये 400 करोड़ रुपये की आय को छुपाने की कोशिश की। कंपनी पर फरवरी के दूसरे सप्ताह में आयकर विभाग का छापा पड़ा था।
फर्जी भुगतान करती थी कंपनी
आयकर अधिकारियों ने बताया कि चीन की यह कंपनी भारत के बाहर की अपनी संबंधित पार्टियों से तकनीकी सेवा प्रदान करने का फर्जी भुगतान करती थी। हालांकि, कंपनी यह नहीं साबित कर पायी भुगतान के बदले उसे वास्तव में कौन सी तकनीकी सेवा प्रदान हुई थी। कंपनी ने गत पांच साल के दौरान इस प्रकार की सेवा के लिये 129 करोड़ के बिल का भुगतान किया है।
अभी जारी है मामले की जांच
अधिकारियों के अनुसार छापे के दौरान यह भी पता चला कि हाल के साल में कंपनी ने अपने खाते से संबंधित पार्टियों को रॉयल्टी का भुगतान करने के लिए 350 करोड़ रुपये से अधिक रकम निकाली। रॉयल्टी भुगतान का कंपनी कोई बिल नहीं दिखा पाई, न ही वह बता पाई कि किस आधार पावर रॉयल्टी की दर की गयी थी। छापेमारी के दौरान प्राप्त दस्तावेजों से यह पता चला है कि चीन की यह कंपनी भारत में कर देय आय को कम करके दिखा रही थी। मामले की जांच अभी जारी है।



