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Odisha: हम फेल हो जाएंगे, कलक्टर को बताने के लिए 63 किलोमीटर की दूरी मापने पैदल ही निकल पड़े स्कूली बच्चे, लेकिन…

Odisha: हम फेल हो जाएंगे, कलक्टर को बताने के लिए 63 किलोमीटर की दूरी मापने पैदल ही निकल पड़े स्कूली बच्चे, लेकिन…

Odisha News, Odisha Samachar, Odisha update, Mayurbhanj news :ओडिशा से समय-समय पर चौंकाने वाली कई खबरें आती रही हैं। कभी स्वास्थ्य की लचर व्यवस्था को लेकर प्रश्न उठते रहे हैं तो पेंशन के लिए किसी वृद्धा को कई किलोमीटर तक घिसटकर बैंक की दूरी नापनी पड़ती है। सार्वजिनक समारोह में स्वास्थ्य मंत्री तक की हत्या कर दी जाती है। इसी बीच राज्य के मयूरभंज जिला से एक ऐसी खबर आई है, जहां बच्चों की टोली उसके स्कूल से 63 किलोमीटर दूर मयूरभंज जिला मुख्यालय में बैठे कलक्टर तक अपनी शिकायत पहुंचाने पैदल ही निकल पड़ी। उनकी पीड़ा थी कि उनका विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में वे फेल कर जाएंगे।

10वीं तक की पढ़ाई और शिक्षक महज तीन

हम बात कर रहे हैं, मयूरभंज जिले के बारीपदा स्थित लक्ष्मीपोशी सुवर्णरेखा एजुकेशन कम्पोजिट प्रोजेक्ट हाई स्कूल की। यहां 10वीं तक की पढ़ाई होती है, जहां लगभग 300 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत है। अगर शिक्षकों की संख्या बताएं तो मात्र तीन। बार-बार शिक्षक की मांग कर थक चुके बच्चे अंतत: सोमवार की सुबह जिला समाहरणालय के लिए निकल पड़े।

चार किलोमीटर बढ़ चुके थे बच्चे कि…

हालांकि, बच्चे स्कूल से लगभग चार किलोमीटर ही आगे बढ़े थे कि प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें वापस भेज दिया। बच्चों को आश्वस्त किया गया कि उनके विद्यालय में जल्द ही शिक्षक नियुक्त कर दिए जाएंगे। बहरहाल, अपने करियर को लकर बच्चों की यह व्याग्रता और शिक्षा की लचर व्यवस्था की यह कहानी तेजी से वायरल हो रहा है।

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