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HOLI MILAN : ऑल नोबिलियन एलुमनी एसोसिएशन रांची चैप्टर की तीसरी वार्षिक रीयूनियन के साथ होली मिलन धूमधाम से मना

HOLI MILAN : ऑल नोबिलियन एलुमनी एसोसिएशन रांची चैप्टर की तीसरी वार्षिक रीयूनियन के साथ होली मिलन धूमधाम से मना

कैपिटोल रेसीडेंसी रांची में रविवार को ऑल नोबिलियन एलुमनी एसोसिएशन रांची चैप्टर की तीसरी वार्षिक रीयूनियन होली मिलन समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस समारोह में धनबाद जिले के डीनोबोली डिगवाडीह, सीएमआरआई, सिजुआ, मुगमा व मैथन के 1978 से 2011 के एलुमनी शामिल हुए। एलुमनी और प्रशिक्षक ने धूमधाम से इस मिलन समारोह का आनंद लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत ठीक उसी तरह से की गई जैसे डी नोबीली स्कूल के बच्चे अपने दिन की शुरुआत करते हैं। कार्यक्रम का संचालन मयंक सिंह के साथ गीतांजलि रचना ने किया। दोनों ने आए हुए एलुमनी को स्कूल प्रेयर, न्यूज, (आज का सुविचार) थॉट फॉर द डे, डू यू नो से समारोह की शुरुआत की।

समारोह में डी नोबिली के ये शिक्षक शामिल हुए

नीलिमा टुडू, रूमना भट्टाचार्य और रंजिनी दासगुप्ता के साथ साथ वरीय अलुन्नियाई को फूल और चॉकलेट देकर उनका स्वागत किया गया।

मधुकर पांडे और डॉक्टर रोहित ने यादें ताजा कीं

डीनोबली डिगवाडीह 1978 के मधुकर पांडे ने अपनी बिताई हुई डी नोबिली की यादों से महफिल को यादगार बनाया। वहीं उनकी धर्मपत्नी निधि शुक्ला ने भी अपनी अनुभव को शेयर किया। डाक्टर नविता, डाक्टर रोहित, जियोलॉजिस्ट जोड़ी बुकुन चटर्जी, आत्री रायचौधरी, मंदिरा हाजरा, बणाश्री श्रीवास्तव, रजनीश चौधरी, पीयूषिता ने अपनी अपनी यादें साझा कर मिलन समारोह को मिठास से सराबोर कर दिया।

एक – दूसरे से हमेशा जुड़े रहने का वादा किया

समारोह में भरपूर स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाने के बाद आयोजित स्कूल क्विज, इंट्रो राउंड और स्कूल सॉन्ग से पूर्ववर्ती विद्यार्थी भाव विभोर हो उठे। इस दौरान एक – दूसरो को गुलाल और कबीर लगाकर होली की बधाई दी गई। इसके बाद केक काटकर एक – दूसरे से हमेशा जुड़े रहने का वादा किया और विदा ले लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मिलना जुलना नही बल्कि एक दूसरे की मदद और समाज में प्रगति और उन्नति की तरफ योगदान भी है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा योगदान

इस रीयूनियन को पूरी तरह से आंदमय और रोचक बनाने में नोबिलियन संजय तायल, ललित दत्ता, निधि निहार, गीतांजलि रचना, नम्रता सिन्हा और मयंक सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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