Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, विश्व में सनातन संस्कृति का सूर्योदय, राम मंदिर, राष्ट्र मंदिर व राष्ट्रीय गौरव की नींव

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, विश्व में सनातन संस्कृति का सूर्योदय, राम मंदिर, राष्ट्र मंदिर व राष्ट्रीय गौरव की नींव

Haridwar news, UP news, National top news, new Delhi top news, national news, national update, national news : विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार कहा कि राम हमारी प्रेरणा, पहचान और हमारी अस्मिता हैं। प्रभु श्रीराम लगभग 500 वर्षों के संघर्ष के पश्चात 22 जनवरी को जन्म स्थान पर बन रहे भव्य मंदिर में पुन: विराजमान होंगे। अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने सोमवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से प्रेस वार्ता में बताया कि धर्म की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष सदैव से होता आया है। कभी-कभी सृजन के लिए यह आवश्यक भी होता है।

श्रीराम जन्मभूमि के लिए 76 बार विकट संघर्ष हुआ

अब तक श्रीराम जन्मभूमि के लिए 76 बार विकट संघर्ष हुआ। इस संघर्ष में हर भाषा, वर्ग, समुदाय व सम्प्रदाय के लोगों ने सहभागिता की थी। 25 पीढ़ियों के बलिदान, त्याग और समर्पण के प्रतिफल स्वरूप प्राप्त इस भव्य आयोजन की साक्षी वर्तमान की पीढ़ी बनेगी, जिन्होंने वर्तमान के संघर्ष और विजय को प्रत्यक्ष देखा है। अयोध्या में केवल राम मंदिर की ही नहीं, अपितु राष्ट्र मंदिर व राष्ट्रीय गौरव की नींव पक्की हो रही है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण विश्व में भारतीय संस्कृति का सूर्योदय हो रहा है। श्रीराम जन्मभूमि का संघर्ष विश्व का सबसे लम्बा संघर्ष है। विश्व हिन्दू परिषद का सबसे बड़ा आन्दोलन राम मंदिर के निर्माण के लिए ही किया गया, जो 35 वर्ष तक अनवरत चला और लगभग 16 करोड़ रामभक्तों ने इसमें प्रत्यक्ष भाग लिया। 

पांच लाख से ज्यादा मंदिरों में होगा कार्यक्रम

उन्होंने कहा कि जिस उत्साह से दो वर्ष पूर्व सकल हिन्दू समाज ने मन्दिर निर्माण निधि समर्पण अभियान में हिस्सा लिया, उससे दुगने उत्साह से वह प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी में जुटा हुआ है। आगामी 22 जनवरी को भगवान की प्राण प्रतिष्ठा के दिन सम्पूर्ण विश्व के 05 लाख से अधिक मंदिरों में सम्पन्न होनेवाले कार्यक्रमों के लिए हम 12.5 करोड़ों से अधिक परिवारों को श्रीराम जन्मभूमि में पूजित पीले अक्षत (चावल) देकर निमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के 16 हजार से अधिक ग्रामों के 20 लाख परिवारों में 1 से 15 जनवरी तक पहुंच कर हम संघ परिवार, अन्य हिन्दू और सामाजिक संगठनों के साथ इस भव्य आयोजन के साक्षी बनने का निमंत्रण देनेवाले हैं। 

प्रत्येक गांव और शहर में होगा भव्य आयोजन

उत्तराखंड के चारधाम सहित प्रत्येक ग्राम, शहर, स्थान के मंदिरों में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा के दिन भव्य आयोजन किये जायेंगे। इसके लिए सभी मठ-मंदिर के पुजारियों से संपर्क स्थापित किया गया है।विश्व प्रसिद्ध संस्था गंगा सभा हरिद्वार तीन दिवसीय विशेष गंगा आरती के साथ दीपोत्सव के कार्यक्रम का आयोजन करेंगी। उत्तराखंड में नानकमत्ता स्थित सिखों के पवित्र गुरुद्वारा में भव्य आयोजन किया जायेगा। 14 वर्ष वनवास के पश्चात अयोध्या आगमन का समाचार उत्तराख की विकट परिस्थितियों वाले दूरस्थ क्षेत्रों में एक माह पश्चात पहुंचा था, तो ईगास बग्वाल के रुप में देव दीपावली का भव्य त्योहार मनाया गया था, जो आज तक मनाया जाता है।

22 जनवरी के बाद श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति में भाग लेनेवाले सेनानियों और परिवार को दर्शन करायेंगे

उन्होंने कहा कि 22 जनवरी के बाद श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति में भाग लेनेवाले सेनानियों और उनके परिवार को श्रीराम लला के दर्शन करायेंगे। ये सौभाग्य हैं कि सर्वप्रथम देवभूमि के लोगों को ही अवसर प्राप्त होगा। 27 जनवरी को वे दर्शन करेंगे। उन्होंने अयोध्या के श्रीराम मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस एवं देव दीपावली जैसा बताया और इस शुभ दिन को हिन्दू समाज द्वारा विशेष उत्सव के रूप में मनाने व प्रत्येक सनातनी के घर, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, आश्रम, मन्दिर तथा सार्वजनिक स्थलों पर इस शुभ अवसर पर दीपदान करने का आह्वान किया।

Shri Ram

Share this:

Latest Updates