Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

सियाचिन की बर्फीली चोटियों से लेकर अपतटीय द्वीपों पर सेना का योग दिवस

सियाचिन की बर्फीली चोटियों से लेकर अपतटीय द्वीपों पर सेना का योग दिवस

New Delhi news : भारतीय सेना ने शुक्रवार को सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली चोटियों से लेकर कन्याकुमारी के तटीय क्षेत्रों और अंडमान निकोबार के अपतटीय द्वीपों पर 10वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। पश्चिम में लोंगेवाला (राजस्थान) और कच्छ (गुजरात) से लेकर पूर्व में किबिथू (अरुणाचल प्रदेश) और इंफाल (मणिपुर) के पहाड़ी इलाकों में तैनात सैनिकों ने भी योग किया। इन कार्यक्रमों में विभिन्न स्थानों पर सेवारत कर्मियों, उनके परिवारों, बच्चों, एनसीसी कैडेटों और आम नागरिकों की भी भागीदारी देखी गयी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्राचीन शहर मथुरा में आयोजित इस समारोह में सभी रैंक के अधिकारियों और उनके परिवारों के साथ शामिल हुए। थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे भी इस अवसर पर उपस्थित थे। दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस दिल्ली छावनी के करिअप्पा परेड ग्राउंड में मनाया गया, जहां सेवारत भारतीय सेना के जवान, मित्र देशों के रक्षा अताशे अपने परिवारों और एनसीसी कैडेटों के साथ शामिल हुए। दिल्ली में योग सत्र का नेतृत्व उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने किया।

संयुक्त राष्ट्र मिशनों में तैनात भारतीय सेना की सभी टुकड़ियां योग सत्र में हुईं शामिल

भारत के अलावा दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र मिशनों में तैनात सभी भारतीय सेना की टुकड़ियों ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। स्थानीय लोगों ने इस उत्सव में भारी संख्या में भाग लिया। आर्मी पैरालंपिक नोड में सेना के पैरा एथलीट, आर्मी बॉयज, गर्ल्स स्पोर्ट्स कम्पनी के कैडेट्स ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बहुत जोश और उत्साह के साथ भाग लिया। आयुष मंत्रालय की ओर से घोषित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अलावा ध्यान अभ्यास पर केंद्रित विशेष योग सत्रों में शीर्ष खिलाड़ियों ने भाग लिया।

सीमावर्ती गांवों सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों सहित स्थानीय आबादी ने भी समारोह में भाग लिया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ योग प्रशिक्षकों को शामिल किया गया, जिन्होंने प्रतिभागियों को शारीरिक फिटनेस, मानसिक शांति और आध्यात्मिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न ‘आसन’ और श्वास अभ्यास करने में मार्गदर्शन किया। इस वर्ष का विषय ‘स्वयं और समाज के लिए योग’ था, जिसमें सभी कर्मियों ने राष्ट्र की सेवा में अपनी प्रतिबद्धता और जिम्मेदारियों को मजबूत किया।

योग ने दुनिया भर में अपना महत्व स्थापित किया

इन कार्यक्रमों ने इस पुरानी प्रथा के वैश्विक उत्सव के एक दशक को चिह्नित किया, जिसने शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण के लिए इसके लाभों के कारण दुनिया भर में अपना महत्व स्थापित किया है। योग प्राचीन भारतीय परम्परा का एक अमूल्य उपहार है जो मन और शरीर के बीच सामंजस्य पर केन्द्रित है। भारतीय सेना ने पारम्परिक रूप से योग के महत्त्व को पहचाना है और इसे नियमित फिटनेस गतिविधियों पर अपने प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में अपनाया है। एक जिम्मेदार संगठन के रूप में भारतीय सेना योग के माध्यम से अच्छे स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता और कल्याण फैला रही है।

Share this:

Latest Updates