उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार गो-आश्रय स्थलों को स्वावलम्बी बनाने के लिए गोबर खरीदेगी। प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि गोबर एवं गो-मूत्र के उपयोग से विभिन्न उत्पादों का निर्माण करने वाली संस्थाओं को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग प्रोत्साहित करेगा। गाेवंश का भरण पोषण करने वाली ऐसी संस्थाओं और किसानों को राज्य सरकार धनराशि देती रहेगी। एक गोवंश पर 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से राज्य सरकार दे रही है।
बायो-गैस, आर्गेनिक फर्टीलाइजर बनेगा
यूपी के पशुधन मंत्री के समक्ष सनब्रीज रिन्यूवेबिल संस्था ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि वह गोशाला के अतिरिक्त जनमानस द्वारा पाले जा रहे गोवंश और महिषवंशीय पशुओं के गोबर एवं कृषि अवशेषों को भी इकट्ठा किया जायेगा। इसके तहत गोबर का क्रय 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से करने का प्रस्ताव रखा गया। सनब्रीज रिन्यूवेबिल संस्था के चेयरमैन प्रथमेश मैरल द्वारा गो-आश्रय स्थलों पर गोबर के उपयोग से कम्प्रैस्ड बायो-गैस, आर्गेनिक फर्टीलाइजर के निर्माण के साथ-साथ गो-आश्रय स्थल पर सोलर एनर्जी सिस्टम को शामिल करते हुये योजना प्रस्तुत की।
मॉडल प्रोजेक्ट स्थापित करने का सुझाव
इस योजना के प्रस्तुतीकरण पर विशेष सचिव, पशुधन देवेन्द्र पाण्डे ने इसे पायलेट परियोजना के रूप में चिन्हिकरण करते हुये मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में स्थापित किये जाने का सुझाव दिया। बैठक में मुख्य महाप्रबन्धक पीसीडीएफ निदेशक प्रशासन एवं विकास पशुपालन विभाग इन्द्रमणि, निदेशक, रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र विकास, पशुपालन विभाग, डा0 जीवन दत्त, अपर निदेशक गोधन विकास डॉ. अरविन्द सिंह उपस्थित रहे।



