Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:


Categories


MENU

We Are Social,
Connect With Us:

☀️
–°C
Fetching location…

ममता ने बांग्लादेश में हिन्दू उत्पीड़न पर विधानसभा में जतायी चिन्ता, केन्द्र के साथ दिखायी एकजुटता

ममता ने बांग्लादेश में हिन्दू उत्पीड़न पर विधानसभा में जतायी चिन्ता, केन्द्र के साथ दिखायी एकजुटता

Kolkata News: बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरी चिन्ता जतायी है। उन्होंने कहा है कि इस मामले में उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस केन्द्र सरकार के साथ है। गुरुवार को विधानसभा में उन्होंने कहा, “हमारी सरकार की नीति है कि जब किसी अन्य देश का मामला हो, तो हम केन्द्र सरकार के साथ खड़े रहेंगे। अगर किसी धर्म के लोगों पर अत्याचार होता है, तो हम उसकी कड़ी निन्दा करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने इस्कॉन के प्रमुख से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हालात बेहद चिन्ताजनक हैं।

केन्द्र जो भी उचित कदम उठायेगी, उनकी पार्टी उसका समर्थन करेगी

उन्होंने कहा, “अगर बांग्लादेश में भी किसी धर्म के लोगों पर अत्याचार हो रहा है, तो हम इसका समर्थन नहीं करते।”
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को संसद सत्र के दौरान यह साफ किया था कि बांग्लादेश में हिन्दू उत्पीड़न के मुद्दे पर केन्द्र सरकार जो भी उचित कदम उठायेगी, उनकी पार्टी उसका समर्थन करेगी। गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में इसी रुख को दोहराते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर केन्द्र के साथ है। उन्होंने कहा, “किसी भी देश में किसी धर्म पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हम केन्द्र सरकार के फैसलों का समर्थन करेंगे।”

पश्चिम बंगाल विधानसभा में उठा मामला

पश्चिम बंगाल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान गुरुवार को बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमले और इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) के मठाधीश चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी का मामला जोर-शोर से उठाया गया। आल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए शांति बहाल करने की अपील की।
मीडिया से बातचीत में एआईएसएफ के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने कहा, “बांग्लादेश में हो रही घटनाएं अस्वीकार्य हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है और इस तरह की घटनाओं को तुरन्त रोका जाना चाहिए। हम लगातार वहां अल्पसंख्यकों पर हमले और अत्याचार की खबरें सुन रहे हैं। मैं प्रार्थना करता हूं कि बांग्लादेश में जल्द ही शांति बहाल हो।”

Share this:

Latest Updates