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नृत्यशाला : तकनीकी विशेषताओं के साथ भाव-भंगिमा के बारे में भी बताया, 200 लोगों ने लिया भाग

नृत्यशाला : तकनीकी विशेषताओं के साथ भाव-भंगिमा के बारे में भी बताया, 200 लोगों ने लिया भाग

शास्त्रीय नृत्य कला से परिचय कराना कार्यशाला का मकसद :  मोनिका डे

Ranchi news: कथक को लोकप्रिय बनाने के लिए यहां मेकॉन इस्पात क्लब, रांची में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन नृत्यशाला के तत्वावधान में किया गया था। इस आयोजन में लगभग 200 लोगों ने भाग लिया। यह एक दिवसीय कार्यशाला था, जिसमें संदीप मलिक ने लोगों को कथक की बारीकियों से परिचय कराया। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का मकसद ही है कथक को लोकप्रिय बनाना। अब कथक की अनुगूंज दूर देशों में भी सुनाई देती है और करियर के लिहाज से भी यह ठीक है।

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कार्यशाला में श्री मलिक ने प्रतिभागियों को अपनी टीम के साथ प्रशिक्षित किया। उन्होंने कथक के मूल तत्वों- नृत्य मुद्राएं, ताल और भाव-भंगिमाओं का व्यावहारिक ज्ञान दिया। कार्यशाला में साढ़े तीन वर्ष से ऊपर विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने दो सत्रों (जूनियर एवं सीनियर) में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने इसे अनमोल अनुभव बताया।

नृत्यशाला की संचालिका मोनिका डे ने बताया कि कार्यशाला का मकसद साफ थाः बच्चों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराइयों से परिचित कराना और उन्हें इस समृद्ध कला की बारीकियों से अवगत कराना। पंडित संदीप मलिक ने न केवल कथक नृत्य की तकनीकी विशेषताओं पर ध्यान केंद्रित किया, बल्कि बच्चों को भाव-भंगिमा और अभिव्यक्ति के महत्व को भी सिखाया। बच्चे काफी उत्साहित दिखे।

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कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को पंडित संदीप मालिक द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। पंडित संदीप मालिक ने बच्चों के उत्साह और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय शास्त्रीय कलाओं के प्रचार-प्रसार में सहायक होते हैं।

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