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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज करेंगी ‘पर्यावरण पर राष्ट्रीय सम्मेलन 2025’ का उद्घाटन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज करेंगी ‘पर्यावरण पर राष्ट्रीय सम्मेलन 2025’ का उद्घाटन

New Delhi news : राष्ट्रीय हरित अधिकरण के ‘पर्यावरण पर राष्ट्रीय सम्मेलन 2025’ का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। शनिवार को विज्ञान भवन में आयोजित होने जा रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य संवाद को बढ़ावा देना और नीति प्रवर्तन में खामियों की पहचान करना है। इस सम्मेलन में पर्यावरण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जायेगी और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने और सर्वोतम पद्धति को साझा करने के लिए विचार-विमर्श किया जायेगा। इस सम्मेलन में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, भारत के एटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव उपस्थित रहेंगे।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने शुक्रवार को जानकारी दी कि यह सम्मेलन विभिन्न हितधारकों को एक अंतर संरक्षण मंच प्रदान करेगा, जो न केवल वर्तमान के पर्यावरणीय मुद्दों को सम्बोधित करेगा, बल्कि भविष्य के लिए भी मार्गदर्शन का भी काम करेगा।

इस दो दिवसीय कार्यक्रम में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, विभिन्न राज्यों के माननीय उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश, अन्य न्यायाधीश, जिला अदालतों के न्यायाधीश, मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारीयों की बहु-अनुशासनात्मक दृष्टिकोण को दर्शाते हुए भागीदारी होगी।

सम्मेलन में महत्त्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित करनेवाले चार तकनीकी सत्र शामिल होंगे।

अधिकरण ने बताया कि पहले सत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण के संदर्भ में वायु गुणवत्ता निगरानी और प्रबंधन पर चर्चा की जायेगी, जिसकी अध्यक्षता भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची करेंगे। दूसरे सत्र में जल गुणवत्ता प्रबंधन और नदी संरक्षण पर चर्चा होगी, जिसकी अध्यक्षता दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश प्रतिभा एम. सिंह करेंगी। तीसरा सत्र वन और जैव विविधता पर केन्द्रित होगा, जिसकी अध्यक्षता मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आनन्द पाठक करेंगे। अंतिम सत्र मुख्य बिन्दुओं एवं सम्मेलन में सम्पन्न मुख्य चर्चाओं का सारांश प्रस्तुत करेगा। इस सम्बन्ध में भविष्य की कार्रवाई करने के लिए मार्गदर्शन तैयार करेगा। इस सत्र की अध्यक्षता भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पीएस नरसिम्हा करेंगे।

रविवार को समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सम्मिलित होंगे। इस मौके पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पी.एस.नरसिम्हा, राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, अपने विचार रखेंगे।

सम्मेलन का एक महत्त्वपूर्ण आकर्षण विश्वविद्यालयों की भागीदारी होगी, जो उनकी पहल और पर्यावरणीय स्थिरता में योगदान को प्रदर्शित करेगी। ‘पर्यावरण-छात्रों का परिपेक्ष्य’ नामक एक प्रदर्शनी, छात्रों को पर्यावरण के उद्देश्य से अपने अभिनव विचारों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी। इसके अलावा, राष्टÑीय हरित अधिकरण द्वारा पर्यावरण जागरूकता व शिक्षा के लिए उनके असाधारण योगदान के लिए विश्वविद्यालयों को सम्मानित किया जायेगा।

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